देश के विभिन्न क्षेत्र में नौकरियन के ले के केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी अउर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बड़ दावा कइलें। ऊ कहनें कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के तीन बड़ स्तंभ – इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, आईटी अउर आईटी सेवा अउर स्टार्टअप्स खातिर देखीं, त लगभग 88-90 लाख नौकरी दीहल जा चुकल बा। अगिले 2 साल में एहमें एक करोड़ नौकरी के लक्ष्य पार होखले के उम्मीद बा। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र खातिर ऊ कहनें कि ई कानून के जंजीर में जकड़ल रहे। पीएम नरेंद्र मोदी इनके तुड़ले बानें।
केंद्रीय आईटी मंत्री वैष्णव कहनें कि पिछले 8 बरिस के यात्रा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के वास्तविक परिपक्वता के देखले बा। उपभोक्ता-आधारित सोच से बाहर निकल के आजु स्टार्ट-अप्स के बीच प्रौद्योगिकी विकास के रुझान साफ देखल जा रहल बा। प्रौद्योगिकी के उपभोग करे वालन से बदल के हम अब प्रौद्योगिकी पैदा करे वाला बन रहल बानें।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव कहनें कि पीएम मोदी विनिर्माण चाहे मैन्युफैक्चरिंग के जंजीरन के एक-एक कs के तुड़ले बानें। पिछले आठ बरिस में 1500 से अधिक कानून के रद्द कs दिहल गइल। 60,000 में से 20,000 प्रक्रिया के रद्द कs दिहल गइल। कानून के आगे भी सरलीकरण कइल जाई। एह कारण ई क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहल बा। आजु ई देश के तेजी से उभरत क्षेत्र बन रहल बा।
If we look at 3 big pillars of the digital economy – electronics manufacturing, IT and IT services & startups, around 88-90 lakh jobs have already been created. Govt has the target that this should easily be crossing 1 crore jobs in the next two years: Union Min Ashwini Vaishaw pic.twitter.com/lmtXVTtoWN
— ANI (@ANI) November 30, 2022
पीएम मोदी के सोच से भइल वंदे भारत ट्रेन के निर्माण
बतौर रेल मंत्री वैष्णव कहनें कि विश्व स्तरीय ट्रेन के मतलब होला कि इनके देखे खातिर आपके जापान, जर्मनी अउर फ्रांस जाए होई। पीएम नरेंद्र मोदी बहुत स्पष्ट निर्देश दिहले रहनें कि भारतीय दिमाग विश्व स्तरीय ट्रेन के डिजाइन करिहें अउर भारतीय हाथ से ही उनकर निर्माण होई। वैष्णव कहनें कि एकरे बदही वंदे भारत ट्रेन के निर्माण भइल।