योगा: मलेरिया से जल्दी ठीक होखे खातिर रोज करीं योगासन, कमजोरी दूर हो जाई

Minee Upadhyay

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मलेरिया एगो जानलेवा बेमारी ह जवन संक्रमित मादा एनोफिलिस मच्छर के कटला से फइलेला । लइकन में मलेरिया के गंभीर मामिला जानलेवा हो सकेला। आमतौर पे मलेरिया पर्यावरण में नमी आ बरसात के मौसम में जमा होखे वाला पानी के कारण होला। नमी के कारण ई संक्रमण आ बैक्टीरिया के बढ़ती खातिर सभसे उपयुक्त स्थिति हो सके ला। मलेरिया के मच्छर के कटला से कुछ आम लक्षण देखे के मिलेला, जवना में बोखार, सिरदर्द, उल्टी, ठंढा, थकान, चक्कर आवे, आ पेट में दर्द शामिल हो सकता। मलेरिया के इलाज के दवाई करीब दु सप्ताह तक चलेला। हालांकि मलेरिया के इलाज के बाद भी कमजोरी आ थकान बनल रहेला। बीमारी के बाद ठीक होखे में समय लागेला।

 

वज्रासन योग 

वज्रासन योग पाचन तंत्र के फिट रखेला, मन के शांत करेला। नींद आ ब्लड प्रेशर के समस्या के कम करे के संगे प्रतिरक्षा के मजबूत करेला। एह आसन के करे खातिर घुटना पे बइठल रहीं। पीठ के सीधा रख के टखने के बीच के अंतराल में कूल्हा के टिका ली। अब दुनु हाथ गोदी में रख के कुछ देर एह मुद्रा में बइठल रहीं।

भस्त्रिका प्राणायाम

इ प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थ के हटावेला आ फेफड़ा में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर के कम क सकता। एकर अभ्यास से गला में सूजन आ कफ भी कम होला।

भुजंगासन


पेट के बल जमीन पे लेट के दुनो हथेली जमीन पे कंधा के बराबर राखी आ शरीर के कमर से नीचे जमीन पे राखी आ शरीर के जमीन से छाती से ऊपर उठा के पीछे ले जाईं। सामान्य मुद्रा में वापस आ गईल। इ मुद्रा सांस के समस्या से राहत देवे में मददगार साबित हो सकता।

 

अस्वीकरण: एह लेख के तइयार करत घरी सगरी दिशानिर्देशन के पालन कइल गइल बा। ई लेख पाठक के ज्ञान आ जागरूकता बढ़ावे खातिर तइयार कइल गइल बा। खबर भोजपुरी कवनो तरह के जानकारी के दावा ना करेला आ लेख में दिहल जानकारी के संबंध में कवनो जिम्मेदारी ना लेता।

 

 

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भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।