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दूसरका विश्वयुद्ध के समय के मिलल जापानी जहाज के मलबा, अमेरिका द्वारा डूबावल गईल, 1000 कैदीयन के भइल रहे मउत

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ई जहाज 1 जुलाई 1942 के के पापुआ न्यू गिनी से चीन के हेनान जाए के दौरान समुद्र में डूब गइल। एह जापानी जहाज पे हमला के समय अमेरिकी पनडुब्बी के एह बात के अहसास ना रहे कि ऊ युद्धबंदी के लेके चलत बिया।

शोधकर्ता लोग के दूसरा विश्वयुद्ध में अमेरिका के ओर से डूबल जापानी परिवहन जहाज के मलबा समुंदर के गहिराई में मिलल बा। एह जहाज के नाम एसएस मोंटेवीडियो मारू ह। ई जहाज 1942 में फिलीपींस के लगे टारपीडो से उड़ा दिहल गइल रहे। सवार 1000 ऑस्ट्रेलियाई कैदी के मौत हो गईल रहे।

ई जहाज 1 जुलाई 1942 के पापुआ न्यू गिनी से चीन के हेनान जाए के दौरान समुद्र में डूब गइल। एह जापानी जहाज पर हमला के समय अमेरिकी पनडुब्बी के एह बात के अहसास ना रहे कि ऊ युद्धबंदी के लेके चलत बिया। पिछला 80 साल से एह जहाज के मलबा एगो रहस्य बनल रहल। गहिरा समुद्र के खोज करे वाला लोग के कहना बा कि ऊ लोग द्वितीय विश्वयुद्ध के जापानी परिवहन जहाज एसएस मोंटेवीडियो मारू के मलबा के पता लगा लिहले बा। एह जहाज के 1942 में फिलीपींस के किनारे टारपीडो से मार दिहल गइल रहे।

डूबल जापानी जहाज कहाँ मिलल

ई जहाज समुंद्र में 4 किलोमीटर से अधिका गहिराई पे मिलल बा आ समुद्री पुरातत्व समूह साइलेंटवर्ल्ड फाउंडेशन एह मिशन के समुंद्र के भीतर कइले बा आ एह डूबल जहाज के खोजे में सफल भइल बा। मोंटेवीडियो मारू के डूबल ऑस्ट्रेलिया के सबसे खराब समुद्री आपदा में से एगो रहे जवना में अनुमान के मुताबिक 979 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के मौत हो गईल, जवना में कम से कम 850 सैनिक शामिल रहले। फाउंडेशन के कहनाम बा कि एह जहाज पे 13 गो अउरी देशन के नागरिक भी शामिल बाड़े जवना से कुल कैदी के मौत करीब 1060 हो गइल रहे।

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