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कवन हs भारतीय सेना के सबसे पुरान रेजिमेंट, 265 साल के इतिहास, 45 युद्ध सम्मान मिलल बा,

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 मद्रास रेजिमेंट : मद्रास रेजिमेंट के स्थापना साल 750 में भइल रहे। ई भारतीय सेना के सबसे पुरान पैदल सेना रेजिमेंट हs। एकर गठन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के सेना के बटालियन के रूप में भइल रहे। एकर बहादुरी आ शौर्य के गौरवशाली इतिहास बा।

मद्रास रेजिमेंट : मद्रास रेजिमेंट भारतीय सेना के सबसे पुरान पैदल सेना रेजिमेंट हs। एकर स्थापना 1750 में भइल। एकर गौरवशाली इतिहास बहादुरी आ शौर्य के बा। एकर गठन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के सेना के बटालियन के रूप में भइल रहे। ई रेजिमेंट ब्रिटिश भारतीय सेना आ आजादी के बाद के भारतीय सेना दुनो के संगे बहुत अभियान में भाग लेले बिया। मद्रास रेजिमेंट के रेजिमेंटल सेंटर तमिलनाडु के वेलिंगटन (ऊटी) में बा। एकर कमान ब्रिगेडियर रैंक के एगो अफसर के लगे बा।

का नारा बा

मद्रास रेजिमेंट के लड़ाई के पुकार बा, ‘वीरा मद्रासी, आदि कोल्लू, आदि कोल्लू’। एकर मतलब होला, ‘बहादुर मद्रासी, हमला करs आ मार डालs, हमला करs आ मार डालs ।’ हाथी के सात गो गुण – साहस, सहनशक्ति, दूरदर्शिता, ताकत, आत्मविश्वास, आज्ञाकारिता आ निष्ठा रेजिमेंट के डीएनए में गहिराह समाहित बा। मद्रास रेजिमेंट के थम्बिस के नाम से भी जानल जाला। एकर सिपाही के सिर के पट्टी भा सिर के कपड़ा एकदम अलग बा। ई लोग एगो विशिष्ट ‘ब्लैक पोम पोम’ हेडगियर पहिनेले।

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