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Vishwakarma Puja 2023: विश्वकर्मा जयंती आजु, जानी भगवान विश्वकर्मा के पूजाविधि आ धार्मिक महत्व

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हर साल विश्वकर्मा पूजा के मौका पs छोट-बड़ प्रतिष्ठान, कारखाना अवुरी खास तौर पs निर्माण काम से जुड़ल औजार, मशीन अवुरी दोकान के पूजा कईल जाला। असल में विश्वकर्मा जी के यंत्रन के देवता भी मानल जाला। हिन्दू मान्यता के अनुसार प्राचीन काल में देवी-देवता के महल आ हथियार भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनावल गइल रहे, एही से इनके शिल्पकार आ निर्माण के देवता कहल जाला। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा इंद्रलोक, त्रेता में लंका, द्वापर में द्वारका आ हस्तिनापुर, कलियुग में जगन्नाथपुरी आदि के रचना कइले रहले। एकरा अलावे भगवान शिव के त्रिशूल, पुष्पक विमन, इंद्र के व्रज अवुरी भगवान विष्णु खातीर सुदर्शन चक्र भी भगवान विश्वकर्मा के बनावल रहे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्कर्मा उ देवता हवें जे हर युग में सृष्टि आ निर्णय के देवता रहल बाड़ें। विश्वकर्मा जी के यंत्रन के देवता भी मानल जाला। पूरा ब्रह्मांड में जवन भी सृजनात्मक बा उ भगवान विश्कर्मा के वरदान ह। एही कारण से कवनो भी काम के निर्माण आ सृष्टि से जुड़ल लोग भगवान विश्वकर्मा के पूजा करेला।

विश्वकर्मा पूजा के महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार सृष्टि के देवता भगवान विश्वकर्मा हवें। एही कारण से विश्वकर्मा जयंती के दिन दोकान, कारखाना आ औद्योगिक संस्थान में लगावल मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स आ मशीन के पूजा कइल जाला। एकरा अलावे इ लोग अलग-अलग काम खातीर इस्तेमाल करेवाला वाहन के भी पूजा करेले। मानल जाला कि भगवान विश्वकर्मा आ औजार के पूजा कइला से लोग के सगरी मनोकामना पूर्ण होला।बिजनेस आ इंडस्ट्री में लागल लोग के बढ़िया प्रगति आ उन्नति होला। विश्वकर्मा पूजा कइला से व्यापार आ निर्माण कार्य में तमाम तरह के समस्या दूर हो जाला। कारखाना में लगावल मशीन साल भर ठीक से काम करेले।

पूजा विधी

सबसे पहिले विश्वकर्मा जयंती के दिन सबेरे सबेरे उठ के नहा के साफ कपड़ा पहिन के पूजा के संकल्प ली। एकरा बाद कारखाना, प्रतिष्ठान, औजार आ मशीन आदि के साफ क के ओहिजा विश्वकर्मा जी के मूर्ति लगाईं। एकरा बाद रोली, अक्षत, फल, फूल आ मिठाई जइसन पूजा सामग्री से भगवान विश्वकर्मी के पूजा कर के आरती करीं। पूजा के दौरान “ॐ विश्वकर्मणे नमः” मंत्र के जप करीं। अंत में प्रसाद बांटी।

विश्वकर्मा पूजा मंत्र🌺

ॐ आधार शक्तपे नम:, ओम कूमयि नम:, ओम अनन्तम नम:, पृथिव्यै नम:।

 

भगवान विश्वकर्मा के आरती-🌺

हम सब उतारे आरती तुम्हारी हे विश्वकर्मा, हे विश्वकर्मा।

युग–युग से हम हैं तेरे पुजारी, हे विश्वकर्मा…।।

मूढ़ अज्ञानी नादान हम हैं, पूजा विधि से अनजान हम हैं।

भक्ति का चाहते वरदान हम हैं, हे विश्वकर्मा…।।

निर्बल हैं तुझसे बल मांगते, करुणा का प्यास से जल मांगते हैं।

श्रद्धा का प्रभु जी फल मांगते हैं, हे विश्वकर्मा…।।

चरणों से हमको लगाए ही रखना, छाया में अपने छुपाए ही रखना।

धर्म का योगी बनाए ही रखना, हे विश्वकर्मा…।।

सृष्टि में तेरा है राज बाबा, भक्तों की रखना तुम लाज बाबा।

धरना किसी का न मोहताज बाबा, हे विश्वकर्मा…।।

धन, वैभव, सुख–शान्ति देना, भय, जन–जंजाल से मुक्ति देना।

संकट से लड़ने की शक्ति देना, हे विश्वकर्मा…।।

तुम विश्वपालक, तुम विश्वकर्ता, तुम विश्वव्यापक, तुम कष्टहर्ता।

तुम ज्ञानदानी भण्डार भर्ता, हे विश्वकर्मा…।।

भगवान विश्वकर्मा की जय। भगवान विश्वकर्मा की जय।🌺

 

 

 

 

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