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निठारी कांड: जुवती के अपहरण कs के दुष्कर्म के बाद हत्या कs के शव छुपाने आला आरोपी सुरेंद्र कोली दोषी करार

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गाजियाबाद। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में जुवती के अपहरण कs के दुष्कर्म के बाद हत्या कs के शव के छुपावे आला अभियुक्त सुरेंद्र कोली के विशेष सीबीआई कोर्ट सुनवाई के बाद दोषी करार देले बा, जबकि मोनिंदर सिंह पंधेर के इमोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा में दोषी करार दिहल गइल बा। ओहिजा भ्रष्टाचार के आरोपी यूपी पुलिस के दारोगा सिमरनजीत कौर के साक्ष्य के अभाव में बरी कs दिहल गइल बा। सजा के प्रश्न पs 19 मई के सुनवाई होई।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवराज सिंह बतवले कि निठारी कांड के 16वां ममिला में सीबीआई के विशेष कोर्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार त्रिपाठी के कोर्ट मंगर के अभियुक्त सुरेंद्र कोली के अपहरण, दुष्कर्म, हत्या आ साक्ष्य छिपावे के धारा में दोषी करार देलस। मोनिंदर सिंह पंधेर के इमोरल ट्रैफिक एक्ट के धारा 3/5 में दोषी करार दिहल गइल बा। ओहिजा भ्रष्टाचार के आरोपी यूपी पुलिस के दरोगा सिमरनजीत कौर के साक्ष्य के अभाव में बरी कs दिहल गइल बा।

आरोप बा कि 7 मई 2006 के निठारी में रहे आला एगो युवती के पंधेर नोकरी दियावे के बहाने बोलवले रहे। एकरा बाद जुवती वापस घरे ना लवटल। जुवती के पिता नोएडा के सेक्टर-20 थाना में गुमशुदगी दर्ज करवले रहले। 29 दिसंबर 2006 के निठारी में मोनिंदर सिंह पंधेर के कोठी के पीछे नाला में पुलिस के 19 गो बच्चन आ महिला लो के कंकाल मिलल रहे, जेकरा बाद पुलिस मोनिंदर सिंह पंधेर आ ओकर नौकर सुरेंद्र कोली के गिरफ्तार कइले रहे। बाद में निठारी कांड से संबंधित सब ममिला सीबीआई के स्थानांतरित कs दिहल गइल रहे। जुवती के अपहरण, दुष्कर्म आ हत्या के ममिला में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली आ मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कइले रहे।

13 ममिलन में हो चुकल बा फांसी के सजा

निठारी कांड में सीबीआई 16 गो ममिला दर्ज कइले रहे। सब ममिलन में आरोप पत्र पहिलही पेश कइल जा चुकल बा। 13 गो ममिला में पहिलही में सुरेंद्र कोली के फांसी के सजा हो चुकल बा। निठारी कांड के दु गो ममिला में कोर्ट कोली के साक्ष्य के अभाव में बरी कs चुकल बा। एगो ममिला में 19 मई के सजा के प्रश्न पs सुनवाई होई। मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ सीबीआई 6 गो ममिला दर्ज कइले बाड़े। जवना में से दु गो ममिला में पधेर के कोर्ट बरी कs देले रहे। तीन मामिलन में कोर्ट पंधेर के फांसी के सजा‌ सुनवले रहे। एगो ममिला में पंधेर के हाई कोर्ट सुनवाई के बाद बरी कs देले रहे। दु गो ममिला हाईकोर्ट में विचाराधीन बा। मंगर के कोर्ट इमोरल एक्ट के धारा 3/5 में दोषी करार देले बा।

 

 

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