सेंट्रल डेस्क। युद्ध के बढ़त आशंका के बीच अमेरिका आ ईरान बियफे के तीसरका दौर के परमाणु वार्ता करी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल जेनेवा में परमाणु कार्यक्रम पs बातचीत करे खातिर रवाना हो गइल बा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान बुध के कहलें कि उनक देस के वार्ता से अच्छा परिणाम के उम्मेद बा।
पेजेश्कियान कहलें, “वार्ता के संबंध में हम अच्छा नतीजा के उम्मीद रखतानी। हमनी के अपना सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन में ई प्रक्रिया आगे बढ़ा रहल बानी सs ताकि युद्ध के इस्थिति से बाहर निकले के रास्ता बन सके।”
एकरा से पहिले अमेरिका के एगो वरिष्ठ अधिकारी बतवलें कि जेनेवा में बियफे के अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ आ ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, ईरान के बिदेस मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करी।
दूनो देस के बीच 17 फरवरी के एही जगह वार्ता भइल रहे, जबकि एह महीना के सुरुआत में पहिला दौर के वार्ता ओमान के मस्कट में भइल रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 19 फरवरी के कहले रहस कि ऊ तेहरान के समझौता करे खातिर 10 से 15 दिन दे रहल बाड़ें। साथे-साथे चेतावनी देले रहस कि जदि एह समय में समझौता ना भइल तs बुरा परिणाम होई।
अमेरिका समझौता के दबाव लगातार ईरान पर बढ़ावत बा। पश्चिम एशिया में दू विमानवाहक पोत के तैनाती आ सैन्य बल के जमावड़ा बढ़ा दिहल गइल बा, जबकि ईरान भी जवाबी हमले के धमकी दे चुकल बा।
“युद्ध आ शांति, दूनो खातिर तइयारी”: ईरान के बिदेस मंत्री अब्बास अराघची
तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पs वार्ता के अगिला दौर से पहिले, ईरान के बिदेस मंत्री अब्बास अराघची कहलें कि ऊ युद्ध आ शांति, दूनो विकल्प खातिर पूरा तरे तइयार बाड़ें। ऊ निष्पक्ष आ संतुलित समझौता होखे के उम्मीद जतवलें। तीसरका दौर के वार्ता बियफे के जिनेवा में होई।
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