UP News : यूपी में नया मुस्लिम विकल्प भा पुरान मजबूरी? विधान सभा चुनाव 2027 से पहिले बड़ बदलाव के संकेत!

UP Muslim Politics Before 2027 Assembly Elections

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लखनऊ। प्रदेश के मुस्लिम राजनीति एक बेर फेर बड़ राजनीतिक पुनर्संयोजन के संकेत दे रहल बा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आ कबो बसपा सरकार में प्रभावशाली चेहरा रहल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफा ना खाली कांग्रेस के प्रदेश इकाई के कमजोर कइले बा, बलुक 2027 के विधान सभा चुनाव से पहिले मुस्लिम सियासत के लेके नया बहसो छेड़ देले बा।

सवाल ई बा कि का प्रदेश में कवनो नया मुस्लिम-केंद्रित भा सपा के इतर पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) राजनीतिक विकल्प उभरी भा फेर मुस्लिम मतदाता एक बेर फेर पुरान आ आजमावल दलन पs भरोसा जताई।

राजनीतिक गलियारलन में चरचा बा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी, एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद, अपना दल (कमेरावादी) के पल्लवी पटेल आ वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य मिलके एगो नया पीडीए मोरचा बना सकत बा लोग। जदि ई प्रयोग आकार लेत बा तs ई प्रदेश के राजनीति में एगो नया समीकरण पेश कs सकत बा, हालांकि एकर सफलता के लेके अभी संशय बनल बा।

प्रदेश में मुस्लिम आबादी लगभग 20 प्रतिशत मानल जाले, जवना के सीधा असर करीब 140 विधानसभा सीटन पs पड़ेला। कांग्रेस आ बसपा के लगातार कमजोर होखला के बाद बीतल कुछ चुनावन में मुस्लिम मतदाता के रुझान मुख्य रूप से सपा के ओर रहल बा।

हालांकि सपा के सामने चुनौती बा, आजम खां के जेल में होखला के कारण पार्टी के लगे फिलहाल कवनो बड़ मुस्लिम चेहरा नइखे जवन पूरा समुदाय के एकजुट कs सके। दूसरका ओर, नसीमुद्दीन के इस्तीफा के बाद कांग्रेस में केहू प्रभावशाली मुस्लिम नेता नइखे बचल।

राजनीतिक विश्लेषकन के माने के बा कि जदि नसीमुद्दीन आ आउर नेता मिलके नया मोर्चा बनावत बा लोग बा तs ओकर परीक्षा 2027 के चुनाव होई। 2024 के लोक सभा चुनाव में पल्लवी आ ओवैसी द्वारा आजमावल गइल पिछड़ा-दलित-मुस्लिम (पीडीएम) मोर्चा कवनो खास प्रभाव ना छोड़ सकल रहे। एकरा पहिले पीस पार्टी आ कौमी एकता दल जइसन प्रयोग कुछ सीमित सीटन तक सिमट के रह गइल रहे।

सेंटर फार आब्जेक्टिव रिसर्च एंड डेवलपमेंट के निदेशक अतहर हुसैन के कहनाम बा कि मुस्लिम समाज खुद के भाजपा शासन में सबसे जादे असुरक्षित महसूस करेला, एहिसे ओकर प्राथमिकता इहे रहेला कि जवन दल भाजपा के सीधा चुनौती देवे के इस्थिति में होखे, ओकर समर्थन कइल जावs। प्रदेश के राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व लगातार घटल बा। 2024 के चुनाव में मुस्लिम मतदाता ओवैसी के बजाय सपा पs भरोसा जतवले रहे लोग।

इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अनुसार, मुस्लिम समाज में शिक्षा के स्तर बढ़ल बा आ अब मतदाता ई समझे लागल बा लोग कि कवन दल ओकरा हित में बा आ कवन सही ना। उनका मोताबिक, ओही दल के मुस्लिम समाज वोट दी जवन बेवहारिक रूप से उनका हितन के रक्षा करता नजर आई।

ओहिजा, सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमएम शोएब के माने के बा कि मुस्लिम समाज में आजो ई धारणा मजबूत बा कि भाजपा के हरावे के क्षमता रखे वाला दल के वोट दिहल जावs, हालांकि इहो संभव बा कि एआइएमआइएम भा कवनो नया मोर्चा के कुछ हद तक मुस्लिम समर्थन मिल जाई।

कवना साल केतना मुस्लिम बनले विधायक

साल        संख्या

2012      69 (सपा-45, बसपा-19, कांग्रेस-4, अन्य-1)

2017      24 (सपा-17, बसपा-5, कांग्रेस-2)

2022      34 (सपा-31, रालोद-2, सुभासपा-1)

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