Union Budget 2023: बजट से खुश नइखन अशोक पंडित, पूछले- काहें एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के नजरअंदाज कर रहल बिया ई सरकार?

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Union Budget 2023: बजट से खुश नइखन अशोक पंडित, पूछले- काहें एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के नजरअंदाज कर रहल बिया ई सरकार? 2023 के लेके फिल्ममेकर अशोक पंडित के रिएक्शन सामने आइल बा । एगो इंटरव्यू में उ कहलें कि ई सरकार एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के अपना बजट में नजर अंदाज करे ले आ एहु बजट मे सरकार के नजरंदाजी साफे लउकत बा ।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2023 के बजट पेश कइली। बजट में वित्त मंत्री करोड़न रुपयन के योजना के घोषणा कईली । हालांकि, फिल्ममेकर अशोक पंडित बजट के लेके आपन नाराजगी जतवले बाड़े । उ बजट के लेके आपन प्रतिक्रिया जाहिर कईले बाड़े आ बड़ा , खुल के आपन बातो रखले बाड़े । इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष आ फिल्ममेकर अशोक पंडित कहलें कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के एहु बजट में नजरअंदाज कईल गइल।

‘एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बजट में नजरअंदाज’

ANI के  दिहल गइल इंटरव्यू में उ कहले , ‘मनोरंजन जगत में सिनेमा, टेलीविजन, ओटीटी औरि  शो  सबे कुछ शामिल बा । जब बजट के  एलान होला , तब उम्मीद रहेला  कि इंडस्ट्री के  भी कुछ न कुछ जरुरे  मिली । हालांकि, ई हर साल होला  कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कवनो  सरकार महत्व ना देले । हम चर्चा एकर सुरुए से केआरटी आइल बानी , हम एकरा के लेके  संपर्क करत रहल  बानी , सरकार के ओर से  उ  गंभीरता हमनी इंडस्ट्री के लेके  ना लउके ।

कपड़ा इंडस्ट्री के लेके  कहले ई बड़का बात

एह इंटरव्यू के बेरा अशोक पंडित  कहले , ‘बजट में बाकी इंडस्ट्री के  महत्व दिहल जाला , चाहे उ  कपड़ा इंडस्ट्री काहें ना होखे । चाहे उ साबुन इंडस्ट्री होखे  भा हेल्थ सेक्टर। एह कुल्ह इंडस्ट्री के जे तरे  महत्वपूर्ण समझल जाला , ओकरा  बारे में चर्चा कइल जाला , बहस कइल  जाला , ओहि तरे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के  गंभीरता से कवनों सरकार  के बजट में महत्व ना दिहल जाला ।’

कोरोना महामारी के बेरा  निभवलस  महत्वपूर्ण भूमिका

 

उ एह बातचीत मे आगे कहले कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री देश के सबसे बड़का  टैक्सपेयर्स में से एगो बा । कवनों  परेशानी के बेरा  ई इंडस्ट्री अहम भूमिका निभावे ले। उ कोरोना महामारी के उदाहरण देत  कहले कि महामारी के समय हमनि के  इंडस्ट्री  घर बईठल  लोगन  के  मनोरंजन करे  में महत्वपूर्ण भूमिका निभवलस । सरकार के एकरा के गंभीरता से लेबे के  चाहि औरि  ना  खाली  चुनाव के दौरान भा  आयोजनन  खातिर  हमनी के  प्रमोटर के रूप में इस्तेमाल करे के  चाहि।

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