टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) 17 फरवरी के टेलीकॉम सर्विस के लेके एगो बईठक बोलवले बा। एह बईठक में ट्राई कॉल ड्रॉप, टेलीकॉम सर्विस आ 5G खातिर बेंचमार्क, एकर वाणिज्यिक संचार के उपायन से संबंधित मुद्दन पs टेलीकॉम कंपनियन के साथे चर्चा करी। ई बईठक एहू से महत्वपूर्ण बा काहें कि फिलहाल टेलीकॉम सर्विस के गुणवत्ता में सुधार के बहुते जरूरत बा आ कॉल ड्रॉप के संगे-संगे खराब नेटवर्क से मोबाइल यूजर्स आजकल बहुत जादे परेशान बाड़े। एहिजा इहो बता दि कि लगातार देश भर में अल्ट्रा हाई स्पीड 5G सर्विस को रोल आउट कइल जा रहल बा। अईसना समय में ट्राई के ई बइठक आमजन खातिर केतना लाभदायक होत बा इ तs अब 17 फरवरी के बादे पता चली ।
ट्राई बियफे के अपना बयान में कहलस कि सर्विस के गुणवत्ता (क्यूओएस) में सुधार “एगो लगातार चले वाली” कवायद हs। एकरा खातिर खासतौर से तेज गति वाला नेटवर्क विस्तार आ 5G जईसन लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के शुरुआत के संगे मूल्यांकन औरी निगरानी के बहुते जरूरत बा। बता दीं कि अब ले भारत भर में 220 से अधिक शहरन में हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस रोल आउट हो गईल बा।
टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई कहलस कि पिछला कुछ महीनन में सर्विस के गुणवत्ता से जुड़ल मुद्दा सुर्खियन में रहल बा। टेलीकॉम विभाग दिसंबर में कॉल ड्रॉप आ सर्विस गुणवत्ता से संबंधित मुद्दन के बढ़त ममिला पs चर्चा करे खातिर परिचालकन के संगे बातचीतो कइले रहे, काहेंकि एह से उ नीतिगत उपायन पs विचार-विमर्श आ कॉल गुणवत्ता में सुधार खातिर विचार कईल जा सकत बा।
अब सवाल ई उठत बा की आखिर ट्राई के एह बईठक से संचार कंपनियन से का चरचा होत बा आ केतना आमजन खातिर ई बइठक लाभकारी होखत बा। सवाल इहो बा कि का आमजन के कॉल ड्रॉप के समस्या से निजात मिली की हर बेर नियन संचार कम्पनीयन के मनमानी चलत रही।
अब एह बात के पाता तs 17 फरवरी के बादे चल सकत बा।काहे कि ट्राई 17 फरवरी, 2023 के टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के संगे एगो बइठक बोलवले बा। एह बइठक में सर्विस के गुणवत्ता में सुधार के उपायन आ सर्विस के गुणवत्ता मानकन के समीक्षा, 5जी खातीर सर्विस के गुणवत्ता आ अवांछित वाणिज्यिक संचार पs चर्चा कइल जाई।