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बेटा सs हथौड़ा से माई के हाथ-पैर तुड़ले, बापहु के पीटले, खून से सना गइल घर के आंगन; अपने नावे करावल चाहत रहले जमीन

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राजस्थान के अलवर में कलयुगी बेटा हथौड़ा से मार के अपना महतारी के दुनो हाथ-गोड़ तूड़ देले। एतना जोर से हथौड़ा मारलस कि माई के गोड़ लटक गईल अवुरी खून बहे लागल। एतने ना, बेटा लोग बाप के लात-मुक्का से भी पीटत रहले, जवना के भीतरी चोट लागल रहे। झगड़ा के बाद दुनो माई-बाप घर के आँगन में तड़पत रहले। आसपास के लोग के जब ए बारे में पता चलल त उ लोग ओ लोग के जिला अस्पताल ले गईले, जहां दुनो के इलाज चलता। बेटा लोग चाहत रहे कि अपना नाम से 4 बीघा जमीन बाबूजी से मिल जाए। माई-बाप मना करत रहले, जवना खातीर उ लोग एकरा से पहिले भी तीन से चार बेर पीटले रहले। एतने ना, तीनों बेटा में से दु बेटा के पहिले फर्जी तरीका से अपना नाम से 4 बीघा जमीन मिलल रहे।

मामला जिला के बीबारानी खेड़ा गांव से जुड़ल बा। इहाँ रहे वाला 60 साल के उदयचंद अवुरी उनुकर 55 साल के पत्नी राजबाला खेती के काम करेले। ए जोड़ी के तीन बेटा अवुरी तीन बेटी बाड़ी। सब के बियाह हो गईल बा। इनका लगे कुल 8 बीघा जमीन बा, जवना में से दुनो बेड़ा के बेटा दिलीप अवुरी हितेंद्र के धोखाधड़ी से अपना नाम पs 4 बीघा जमीन मिलल बा। अब उ लोग बाकी जमीन भी अपना नाम पs लिहल चाहतारे, जवना के चलते उ लोग रोज अपना माई-बाबूजी से झगड़ा करत रहले। दुनु जने माता-पिता के कई बेर मारपीट कईले रहले।

 4 बार पुलिस शिकायत, सुनवाई ना

बुजुर्ग के तीन गो बेटी लक्ष्मी, मधु आ बीना बाड़ी। छोटका बेटा परविन्दर अपना माई-बाबूजी के संगे रहेला। छोटकी बेटी बीना कुमारी बतवली कि दुनो लोग 6 बहिन भाई हवे अवुरी सभके बियाह पिता के ओर से बढ़िया से भईल। आवे वाला दिन में दु भाई हितेन्द्र अवुरी दिलीप अपना माता-पिता के पिटाई करत रहले, जवना के शिकायत थाना चौकी बीबीरानी में चार बेर दर्ज करावल गईल बा। एक दिन पहिले भी पुलिस से शिकायत कईले रहले।

पोता-पतोह भी उठावेले हाथ

बीना बतवली कि सबेरे करीब साढ़े पांच बजे दिलीप अवुरी हितेंद्र चाय के समय महतारी राजबाला के पीट देले। उ हथौड़ा से कई बेर गोड़ में मार दिहलस, जवना से महतारी के दुनो गोड़ टूट गईल। उनकर हाथ भी टूट गईल रहे। एतने ना, बचाव में आईल पिता के लात-मुक्का से भी कई बेर मारल गईल, जवना के चलते उनुका भीतरी चोट लागल बा। पोता-पोती भी बेटा से लड़ले बाड़े। पतोह भी रोज हाथ उठावत आइल बिया।

 

 

 

 

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