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अउर जादा चमकीला दिखी चांद, पृथ्वी के बेहद करीब होई चंद्रमा; खुलल आंख से देख सकेंनी दुर्लभ नजारा

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खगोल विज्ञान के प्रेमी लोग खातिर आजु के रात बहुत खास होखे वाला बा। काहे कि, आजु रात एगो बड़हन आ चमकदार चाँद लउकी। एह खगोलीय घटना के सुपर मून कहल जाला। एह घटना के दौरान चंद्रमा अपना कक्षा में अपना सभसे नजदीकी बिंदु पs होला। एकरा चलते चंद्रमा अवुरी पृथ्वी के बीच के दूरी सबसे कम बा।

एकरा के पेरिगी भी कहल जाला। एह दौरान चंद्रमा अपना आकार से 14 प्रतिशत बड़ अवुरी 30 प्रतिशत ले चमकदार देखाई दिही। ई खगोलीय घटना आजु रात 12.01 बजे देखल जा सकेला।

सुपर मून का होला?

गोरखपुर नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह कहले कि, ‘एह दिन चंद्रमा सामान्य दिन से 14 प्रतिशत बड़ अवुरी 30 प्रतिशत चमकदार देखाई देवेला, ए घटना के पूर्णिमा चाहे सुपर मून कहल जाला।’

सुपर मून के कइसे देखल जाला?

उ कहले कि, बिना कवनो अतिरिक्त दूरबीन उपकरण के मदद के आप अपना घर से साधारण आंख से ए खगोलीय घटना के सीधा देख सकतानी। वैसे सामान्य दिन में चंद्रमा के पृथ्वी से दूरी लगभग 384366.66 किलोमीटर होला। अगर रउरा खगोल विज्ञान में रुचि बा त गोरखपुर के नक्षत्र शाला (ग्रहालय) में भी विशेष दूरबीन के माध्यम से एह सुपर मून के देख सकेनी।

धरती से 42,000 किलोमीटर दूर बा। चंद्रमा के दूरी कम हो जाई अमर पाल सिंह कहले कि सुपर मून शब्द के इस्तेमाल पहिला बेर 1979 में रिचर्ड नौल्ले कईले रहले। सुपर मून के दौरान चंद्रमा सामान्य दिन से बड़ आ चमकदार लउकेला। अइसन एह से होला काहें से कि ई पृथ्वी के चारों ओर कक्षा के दौरान अपना सभसे नजदीकी बिंदु पs आवे ला।

जहाँ चंद्रमा के पृथ्वी के चारों ओर अंडाकार कक्षा के कारण जब चंद्रमा अपना परिभ्रमण बिंदु के रास्ता पs पृथ्वी के सभसे नजदीकी जगह पs पहुँच जाला तब चंद्रमा पृथ्वी से बड़ लउके ला, खगोल बिज्ञान के भाषा में एकरा के पेरिगी कहल जाला। तब एह चंद्रमा के पृथ्वी से दूरी घट के लगभग 42,000 किमी हो जाला जेवना से सुपर मून के एगो अनोखा खगोलीय घटना बन जाला।

 

 

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