उपायुक्त जनजातीय संस्कृति आ विरासत सरंक्षण के संबंध में रखली आपन विचार, संवाद अध्येता लो के संगे सवाल जवाब सत्र में कइली मार्गदर्शन

Anurag Ranjan

जमशेदपुर: उपायुक्त विजया जाधव टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिन के संवाद फैलोशिप हेरिटेज रेजीडेंसी कार्यक्रम के दूसरा दिने विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल भइली। उपायुक्त के संगे संवाद फेलो के बतकही खातिर टाटा स्टील फाउंडेशन कावर से एगो सांझ के आयोजन कइल गइल रहे। उपायुक्त संवाद फैलोशिप कार्यक्रम के पांच बैच के 30 गो संवाद अध्येता के संगे एगो बतकही के सत्र बितवनी। संवाद फैलोशिप टाटा स्टील फाउंडेशन कावर से बरिस 2017 में शुरू कइल गइल, जवना के परिकल्पना अलग-अलग जनजाति के संस्कृति से रूबरू करावे के संगे-संगे कवनो कम जानल संस्कृति आ प्रथा जवना के संरक्षण आ संवर्धन के जरूरत बा।

सत्र के दौरान देस के 14 गो राज्य के 27 गो जनजातियन के 30 गो अध्येता लो अपना परियोजना के बारे में जानकारी दिहल लो। ओह लो के काम जनजातीय संस्कृति आ विरासत संरक्षण के अलग-अलग क्षेत्र से बा। जइसे लोककथा, लोक गीत, व्यंजन, भाषा, अनुष्ठान आदि के संरक्षण। उपायुक्त एह पूरा पहल के सराहना कइली आ आउर आपन प्रशिक्षण के समे के आ अलग-अलग संस्कृतियन के संगे-संगे कइयन गो हिस्सा में अपना पोस्टिंग के अनुभव के साझा कइली। ऊ इहों सुझाव देली कि एह सभे परियोजनन के एगो साझा मंच पs प्रकाशित करे के चाहीं, जवना से बेसी से बेसी जुवा एह तरे के परियोजना के अपना सको।

एकरा बाद अध्येता लो आ उपायुक्त के बीचे एगो खास सवाल जवाब भइल, जहां अलग-अलग संस्कृति के पहलूअन पs विचार कइल गइल। अलग-अलग भाषा भाषी आ संस्कृति के अस्तित्व से जुड़ल मुद्दा पs गहिराह चरचा कइल गइल। एह अवसर पs सौरभ रॉय चीफ सीएसआर टाटा स्टील, जिरेन जेवियर टोपनो हेड ट्राइबल कल्चर टाटा स्टील आ आउर गणमान मवजूद रहे लो।

साभार- न्यूज़ विंग

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।