अइसे करी पूजा-
एह नियमन के राखीं धेयान
धर्मशास्त्रों के मोताबिक कलश के सुख-समृद्धि, वैभव आ मंगल कामना के प्रतीक मानल गइल बा। कलश में सब ग्रह, नक्षत्रन आ तीर्थन के वास होला। एकरा आलावे ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र, सब नदियन, सागरन, सरोवरन आ तेतीस कोटि देवी-देवता कलश में विराजमान होला लो। वास्तु के मोताबिक ईशान कोण(उत्तर-पूरुब) के जल आ ईश्वर के स्थान मानल गइल बा आ इहां सबसे बेसी सकारात्मक ऊर्जा रहेला। एहिसे पूजा करते घरी माता के प्रतिमा भा कलश के स्थापना एही दिशा में करे के चाहीं। यद्धपि देवी माँ के क्षेत्र दक्षिण आ दक्षिण पूर्व दिशा मानल गइल बा। एहिसे ई धेयान रहे कि पूजा करत घरी आराधक के चेहरा दखिन भा पूरुब में रहे। शक्ति आ समृद्धि के प्रतीक मानल जाये वाला पूरुब दिशा के ओर चेहरा कs के पूजा कइला से हमनी के प्रज्ञा जागृत होला आ दखिन दिशा के ओर चेहरा कs के पूजा कइला से आराधक के शांति अनुभव होला। माता के पूजा करत घरी कबो बुलू आ करिया रंग के वस्त्र ना पहिने के चाहीं, अइसन कइला से पूजा के फल में कमी आवेला। देवी माता के शक्ति के प्रतीक लाल रंग बहुते पसन हs एहिसे पूजा करत घरी शुभ रंग जइसे लाल, गुलाबी, केसरिया, हरियर, पियर ,क्रीम आदि पहन सकत बानी।
घट स्थापना के शुभमुहूर्त
अबकि बेर प्रतिपदा तिथि के आरंभ 26 सितंबर, सोमार के सबेरे 03 बजकर 23 मिनट पs आरंभ होई जवना के समापन 27 सितम्बर के सबेरे 03 बजके 08 मिनट पs होई। घटस्थापना के मुहूर्त प्रात: 06.11 से प्रातः 07.51 मिनट तक रही। घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – सबेरे 11:54 से दुपहर 12:42 तक रही।
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शारदीय नवरात 2022 कलश/घटस्थापना मुहूर्त
शारदीय नवरात 2022 | घटस्थापना मुहूर्त | अवधि |
नवरात 2022 | सबेरे 06 बजके 11 मिनट से 07 बजके 51 मिनट तक | 1 घंटा 40 मिनट |
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शारदीय नवरात 2022
दिन | नवरात्रि दिन | तिथि | पूजा-अनुष्ठान |
26 सितंबर 2022 | नवरात दिन 1 | प्रतिपदा | माँ शैलपुत्री पूजा घटस्थापना |
27 सितंबर 2022 | नवरात दिन 2 | द्वितीया | माँ ब्रह्मचारिणी पूजा |
28 सितंबर 2022 | नवरात दिन 3 | तृतीया | माँ चंद्रघंटा पूजा |
29 सितंबर 2022 | नवरात दिन 4 | चतुर्थी | माँ कुष्मांडा पूजा |
30 सितंबर 2022 | नवरात दिन 5 | पंचमी | माँ स्कंदमाता पूजा |
01 अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 6 | षष्ठी | माँ कात्यायनी पूजा |
02 अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 7 | सप्तमी | माँ कालरात्रि पूजा |
03 अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 8 | अष्टमी | माँ महागौरी दुर्गा महा अष्टमी पूजा |
04 अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 9 | नवमी | माँ सिद्धिदात्री दुर्गा महा नवमी पूजा |
05 अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 10 | दशमी | नवरात्रि दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी |
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शारदीय नवरात पs का करी आ का ना करी
शारदीय नवरात 2022 | का करी | का ना करी |
नवरात | सात्विक भोजन, साफ़ सफाई, देवी आराधना,भजन-कीर्तन, जगराता, मंत्र,देवी आरती | प्याज,लहसुन,शराब,मांस-मछली के सेवन, लड़ाई, झगड़ा, कलह, कलेश, करिया कपड़ा आ चमड़ा के चीज मत पहनी, दाढ़ी,बाल आ नोह मत काटीं। |
शारदीय नवरात के दिन | देवी | बीज मंत्र |
पहिला दिन | शैलपुत्री | ह्रीं शिवायै नम:। |
दूसरा दिन | ब्रह्मचारिणी | ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:। |
तीसरा दिन | चन्द्रघण्टा | ऐं श्रीं शक्तयै नम:। |
चउथा दिन | कूष्मांडा | ऐं ह्री देव्यै नम:। |
पांचवा दिन | स्कंदमाता | ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:। |
छठा दिन | कात्यायनी | क्लीं श्री त्रिनेत्राय नम:। |
सातवाँ दिन | कालरात्रि | क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:। |
आठवां दिन | महागौरी | श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:। |
नउवां दिन | सिद्धिदात्री | ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:। |
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नवरात के दिन के मोताबिक भोग
शारदीय नवरात 2022 | नवरात के दिन | माता के भोग |
पहला दिन | माँ शैलपुत्री देवी | देसी घी |
दूसरा दिन | ब्रह्मचारिणी देवी | शक्कर,सफेद मिठाई,मिश्री और फल |
तीसरा दिन | चंद्रघंटा देवी | मिठाई और खीर |
चौथा दिन | कुष्मांडा देवी | मालपुआ |
पांचवां दिन | स्कंदमाता देवी | केला |
छठा दिन | कात्यायनी देवी | शहद |
सातवां दिन | कालरात्रि देवी | गुड़ |
आठवां दिन | महागौरी देवी | नारियल |
नौवां दिन | सिद्धिदात्री देवी | अनार और तिल |
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शारदीय नवरात 2022 पs शुभ योग
शारदीय नवरात 2022 | नवरात के दिन | शुभ योग |
पहिला दिन | माँ शैलपुत्री देवी | सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग |
दूसरा दिन | ब्रह्मचारिणी देवी | |
तीसरा दिन | चंद्रघंटा देवी | |
चउथा दिन | कुष्मांडा देवी | रवि योग |
पांचवां दिन | स्कंदमाता देवी | सर्वार्थ सिद्धि योग |
छठा दिन | कात्यायनी देवी | रवि योग |
सातवां दिन | कालरात्रि देवी | सर्वार्थ सिद्धि योग |
आठवां दिन | महागौरी देवी | रवि योग |
नउवां दिन | सिद्धिदात्री देवी |
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शारदीय नवरात 2022, घटस्थापना खातिर पूजा सामग्री
शारदीय नवरात 2022 | घटस्थापना खातिर पूजा सामग्री | घटस्थापना खातिर पूजा सामग्री |
नवरात | कलश माता के फोटो 7 तरह के अनाज मिट्टी के बर्तन पवित्र माटी |
गंगाजल आम भा अशोक के पत्ता सुपारी जटा वाला नारियल अक्षत लाल वस्त्र पुष्प |
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नवरात में मां दुर्गा के नव रूपन के पूजा से लाभ
दिन | नवरात दिन | तिथि | पूजा-अनुष्ठान |
26 सितंबर 2022 | नवरात दिन 1 | प्रतिपदा | देवी शैलपुत्री के पूजा से चंद्र दोष समाप्त होला। |
27सितंबर 2022 | नवरात दिन 2 | द्वितीया | देवी ब्रह्मचारिणी के पूजा से मंगल दोष खत्म होला। |
28 सितंबर 2022 | नवरात दिन 3 | तृतीया | देवी चंद्रघण्टा के पूजा से शुक्र ग्रह के प्रभाव बढेला। |
29सितंबर 2022 | नवरात दिन 4 | चतुर्थी | माँ कूष्माण्डा के पूजा से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होला। |
30सितंबर 2022 | नवरात दिन 5 | पंचमी | देवी स्कंदमाता के पूजा से बुध ग्रह के दोष कम होला। |
01अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 6 | षष्ठी | देवी कात्यायनी के पूजा से बृहस्पति ग्रह मजबूत होला। |
02अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 7 | सप्तमी | देवी कालरात्रि के पूजा से शनिदोष खत्म होला। |
03अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 8 | अष्टमी | देवी महागौरी के पूजा से राहु के बुरा प्रभाव खत्म होला। |
04अक्तूबर 2022 | नवरात दिन 9 | नवमी | देवी सिद्धिदात्री के पूजा से केतु के असर कम होला। |
साभार: अमर उजाला