[the_ad_group id="30365"]

SGPC के बड़ फैसला…गुरुद्वारा में अब ना फहरावल जाई भगवा झंडा

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंध समिति के बड़ फैसला। गुरुद्वार में अब केसरिया रंग के झंडा ना फहरावल जाई। खालसा के गौरव आ इज्जत के प्रतीक निशान साहब के रंग अब केसर ना रही, ओकर रंग बसंत रही। हँ, हम इ नइखी कहत बाकिर ई जानकारी सिखन के सबले प्रमुख संगठन शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधन समिति (एसजीपीसी) चिट्ठी जारी कऽ के देले बिया। श्री अकाल तख्त साहब में भइल पंच सिंह साहिबन के बइठक के बाद शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधन समिति में ई फैसला लिहल गइल बा। पूरा खबर पढ़ीं…

शिरोमणि समिति के साझा जानकारी के अनुसार श्री अकाल तख्त साहब, श्री अमृतसर साहब से प्राप्त परिपत्र संख्या: एटी/24/206/17-07-2024 के अनुसार पंच सिंह साहिबन के बैठक में पारित प्रस्ताव : 03/ 15-07 ई फैसला 2024 के आधार पs लिहल गइल बा। एकरा बारे में शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधन समिति केसरिया चिन्ह के लेके संगत के बीच दुविधा रहे के बात कहले बिया। जवना के संबंध में कुछ मामला श्री अकाल तख्त साहब के संज्ञान में आइल जवना के बाद एकरा पs चर्चा भईल।

भगवा एगो भ्रामक रंग हऽ

पांचों सिंह साहिबन के मुलाकात में एह मुद्दा पs चर्चा भइल कि निशान साहब के रंग निसंदेह केसर बा, बाकिर गलती से इ हिन्दू धर्म के प्रतीक भगवा रंग से मिलत जुलत बा। एकरा चलते कई बेर कंपनी के लोग चाहे अनजान लोग ओ लोग में अंतर ना कऽ पावेले आ दुनो के एकही मानेले। एह दुविधा के समाधान खातिर ई फैसला लिहल गइल बा।

उऽ अइसन एहसे कहले कि सिख धर्म हिंदू धर्म से अलग बा। एही कारण से कबो-कबो कुछ लोग प्रचार करेला कि हिन्दू आ सिख एके धर्म हऽ। एह तरह के भ्रम से बचे खातिर ई फैसला लिहल गइल बा

रंग का होखे के चाहीं?

सिख राहत मर्यादा के पेज नंबर 15 पs दर्ज जानकारी के अनुसार श्री निशान साहब में 2 रंग हो सकेला। एगो सुरमाई आ दूसरका बसंती। अब शिरोमणि समिति श्री निशान साहब के परिधान खातिर एह दुनो रंग में से कवनो एक रंग के चयन करी।

 साल 2019 में मांग बढ़ल रहे

साल 2019 में एक पंजाबी सुलेखक डॉ चरणजीत सिंह गुमटाला ने शिरोमणि कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल आ श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के पत्र लिखके अनुरोध कइले रहले कि गुरु घर में केसरी निशान साहिब की पोशाक के उपयोग ना करे जाए के चाहीं। ओकरा जगह सिख परंपरा के मोताबिक बसंती के राखल जाए। जवना के बाद श्री अकाल तख्त साहब एकरा पs चर्चा कइले आ अब 27 जुलाई 2024 के एह संबंध में आदेश जारी हो गइल बा।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]