दूरदर्शन के 1980-90 के दशक के इ 5 ऐड देख के याद आ जाई बचपन, आजुओ सुहाना लागेला ओ दौर के इ विज्ञापन

Minee Upadhyay

 

 

समय आ तकनीक के दौर के साथे एड्स बनावे के तरीका में भी बदलाव आइल बा। कई गो विज्ञापन अइसन होला कि लागत बा कि सितारन के स्टारडम देखावे खातिर परदा पs सजावल गइल बा। आ, कुछ विज्ञापन देख के लागत बा कि सुपरहीरो के सेना आ गइल बा। तेज तकनीक में एड्स के गति अवुरी स्वाद में भी बदलाव भईल। एक जमाना रहे जब दूरदर्शन पs खाली एड्स आवे से लोग के बान्हल रहे। जब स्क्रीन पs विज्ञापन आवत रहे त चैनल ना बदलत रहे, ना लोग काम खातिर उठत रहे, बल्कि ओतने रुचि से विज्ञापन देखत रहे।

शब्द लाजवाब रहे

ओह दौर के एड्स के एगो वीडियो यूट्यूब पs वायरल भइल आ ओह घरी के याद ताजा कर रहल बा। जवना में 80 से 90 के दशक के बीच टीवी पs एड्स के एगो लमहर रील आवत रहे। इहे ओह दौर के विज्ञापन ह जब विज्ञापन के गीत भी फिल्मी गीत निहन गुनगुनात रहे। जइसे कि बजाज स्कूटर के विज्ञापन जवना के मशहूर लाइन रहे ‘बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर हमारा बजाज’ ओह घरी जवना घर में बजाज के स्कूटर रहे ओह घरन में स्कूटर चलावत घरी एह लाइनन के गुनगुनात रहे। ठीक ओही तरह मैगी के एड झिंगल मैगी… मैगी… मैगी… भी एकरा के बनावत घरी हमरा दिमाग में चलत रहे।

वन लाइनर्स भी बढ़िया रहे

बाकिर हम रउरा के एगो बात बतावल भुला गइल रहली कि बारातियों का स्वागत पान पराग से होना चाहिए – के भूला सकेला प्रतिष्ठित विज्ञापन, प्रतिष्ठित सितारा आ प्रतिष्ठित लाइन। अगर बियाह के बात हो रहल बा त अबहियों ई लाइन कहीं बतकही में याद बा। एकरा अलावे “फेविकोल का मजबूत जोड़” निहन पंच लाइन के टूटल आजु ले नईखे मिलल। अगर रउवा अइसन एड्स देख के आपन बचपन के याद ताजा करे के चाहत बानी त रउवा भी ई वीडियो देख सकेनी।

 

 

 

 

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भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।