बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जल्दिए सक्षम के सहयोग से आरओपी (रेटिनोपेथी ऑफ प्रीमेच्योरिट) सेंटर अउरी इंसानी दूध बैंक खुली। सक्षम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार अउरी कांबा (कॉर्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान) के प्रांत प्रभारी डॉ. वाई सिंह के नेतृत्व में प्रोजेक्ट रिपोर्ट बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. गणेश कुमार के सौंपल गइल।
डॉ. वाई सिंह बतवलें कि दूनों प्रोजेक्ट खातिर मशीन, ओकर रखरखाव अउरी दवाई के खर्च सक्षम (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) उठाई अउरी एक साल के बाद दवाई के खर्च मेडिकल कॉलेज उठाई।
बतवलें कि प्रीमेच्योर लइकन में रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी के समस्या बढ़त जा रहल बा। अगर सही समय पर इलाज होखे त काफी हद ले रोशनी वापस आ जाले। लेकिन, इलाज महंग होखला के कारण बहुत लइकन के इलाज नाइ मिल पावला।
जौन लइके प्रीमेच्योर पैदा होले, उनकर रेटिना पूर्ण विकसित नाइ होला अउरी ओमें हेमरेज होखले के रिस्क भी रहsला, सथही धीरे-धीरे लइकन के आंख के रोशनी कम हो जाला। अइसन लइकन के इलाज लेजर आ इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगा के कइल जाला अउरी कब्बो-कब्बो ऑपरेशनो करे के पड़sला जौन कि नगदे खर्चीला होला।
आरओपी सेंटर खुलला से एह लइकन के बेहतर इलाज सुविधा मिल सकsता। जौने माता लोग के ढ़ेर दूध होला चाहे नार्मल भी होला अउरी ऊ कुछ दूध डोनेट कइल चाहतड़ी, त ओह दूध के प्रोसेसिंग कsके कम से कम 6 महीना ले संरक्षित कइल जा सकsता। ई दूध अइसन लइकन खातिर इस्तेमाल होई जेकर माई में कौनो कारणवश दूध नाइ बनsला। एकरे खातिर ह्यूमन मिल्क बैंक के स्थापना भी कइल जाई।
एह अवसर पर नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम कुमार जायसवाल, बाल रोग विभाग के डॉ. भूपेंद्र शर्मा , प्रो. आरआर सुकुल, उदय शंकर, अजीत पाल, डॉ. निधिश, बृजेश जी मौजूद रहलें।