शहीद के लाश पहुंचते सभके नम हो गईल आंख

कुमार आशू

जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में शहीद भईल ऋषिकेश चौबे (24 साल) के तिरंगा लपेटल नश्वर अवशेष गुरुवार के घर पहुंचते नम हो गईल। उनुका के श्रद्धांजलि देबे खातिर आवागमन भइल. एकरा से पहिले गोरखा रेजिमेंट के जवान श्रद्धांजलि दिहले रहले।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार के सांझ करीब 4 बजे जवान के नश्वर शरीर हवाई अड्डा पहुंचल। ओहिजा से गोरखा रेजिमेंट के जवान लाश लेके उनुका घरे पहुंचले। तिरंगा में लपेटल नश्वर अवशेष देख के लोग के भीड़ जुट गईल। ऋषिकेश अमर रहे के नारा लगावे लगले।

ऋषिकेश मूल रूप से देवरिया के रहे वाला रहले

मूल रूप से देवरिया के सोहनपुर बनकटा निवासी राजेश चौबे गोरखपुर के खोराबार इलाका के जंगल सिकरी में स्थित रामवधनगर कॉलोनी में 20 साल तक मकान बना के रहेले। उनकर दुनु बेटा में सबसे बड़का ऋषिकेश सेना में रहे। उनुकर छोट भाई राहुल अभी पढ़ाई करतारे।

बाबूजी भी सेना में रहले

ऋषिकेश के पिता राजेश चौबे भी सेना में रहले। उ 2019 में रिटायर हो गईले। साल 2018 में ऋषिकेश रिटायर होखे से एक साल पहिले पंजाब में सेना के 40 नंबर के बटालियन में शामिल हो गईले। उनुका के खुद पंजाब में ट्रेनिंग मिलल रहे। एकरा बाद उनुका के कुछ समय तक पंजाब में तैनात कईल गईल। एकरा बाद उनुका के जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तैनात कईल गईल। अभ्यास के दौरान रॉकेट लांचर के फायरिंग से 6 जुलाई 2022 के उनुकर मौत हो गईल।

सात महीना पहिले बियाह कइले रहले

ऋषिकेश गोरखपुर के आर्मी स्कूल में 6वीं तक के पढ़ाई कइले। एकरा बाद मथुरा, चंडीगढ़ आ अम्बाला आर्मी स्कूल में पढ़ाई कइलें। सात महीना पहिले 12 दिसंबर 2021 के उनुकर बियाह बिहार प्रांत के छपरा निवासी ज्योति से भईल रहे। 6 जुलाई के रात जब ज्योति के अपना पति के मौत के खबर फोन प मिलल त उ जोर से रोवे लगली। पति के लाश जब घरे पहुंचल त उ लपेट गईली। कुछ ही देर में उनकर लोर सूख गइल। उ कहली कि उनुका अपना पति प गर्व बा।

तीन महीना पहिले छुट्टी प आईल रहने, फोन प बाप के हालत के बारे में पूछले रहने

फादर राजेश बतवले कि तीन महीना पहिले ऋषिकेश जंगल सिकरी में छुट्टी लेके घरे आईल रहले। अब उनुका 20 जुलाई के छुट्टी लेके घरे आवे के रहे। अभी चार दिन पहिले उ अपना बाबूजी से फोन क के बात कईले रहले। ऋषिकेश के एगो चाचा आ दादी गुलाबी देवी गांव में रहेली। तीन गो चाचा आ दू गो चचेरा भाई भी सेना में बाड़े।

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