नवरात्रि से त्योहारन के सिलसिला शुरू हो जाई बाकिर ओकरा पहिले से थाली के बजट खराब होखे लागल बा। आटा, तेल अवुरी रिफाइंड के अलावे रसोई से जुड़ल हरेक समान महंगाई के शिकार होखे लागल बा।
जीरा 800 रुपिया प्रति किलो के भाव में महंगा हो गईल बा, जबकि लाल मिरचा, हल्दी अवुरी गरम मसाला भी महंगाई के चपेट में आ गईल बा। चीनी भी महंगा हो गइल बा आ 4 रुपिया प्रति किलो तक पहुँच गइल बा। दाल पs भी महंगाई के झटका लागल बा।
एक महीना में दाल-मसाला के दाम बढ़ गईल
महंगाई डायन फिर से नागरिक के परेशान करे लागल बा। मात्र एक महीना में दाल अवुरी मसाला के दर में काफी बढ़ोतरी भईल बा। दाल-मसाला के बढ़त दाम से घर के रसोई के बजट बर्बाद हो गईल बा। मसाला के दाम बढ़ला से नागरिकन के जेब पs बहुते असर पड़ल बा। दाल के प्रोटीन के एगो बढ़िया स्रोत मानल जाला।
व्यापारी लोग के बात
व्यापारी लोग के कहनाम बा की बरखा के चलते दाल के दाम प्रभावित भईल बा।आपूर्ति में कमी के चलते दाम बढ़ गईल बा। पिछला एक महीना में दाल के भाव में 20 रुपिया प्रति किलो के बढ़ोतरी भईल बा।
मसाला के दाम में काफी बढ़ोतरी भईल बा। काली मिर्च आ छोट इलायची महंगा हो गइल बा। आटा, सरसों के तेल आ रिफाइंड सस्ता बा चीनी पs भी महंगाई बा।
मेहरारू लोग के बात
मेहरारू लोग के कहनाम बा की ‘फिलहाल दाल के बढ़त दाम के चलते रसोई के बजट खराब होखता। हर तरह के दाल बहुत महंगा हो गईल बा। बेसन अउरी सामान भी बढ़ल दर पs उपलब्ध बा।’
‘रसोई में इस्तेमाल होखे वाला हर सामान महंगा हो रहल बा। जीरा एक साल में दुगुना से ज्यादा महंगा हो गईल बा। 100 ग्राम जीरा के दाम अब 80 रुपिया बा।’
इ ह वर्तमान भाव–
खाद्य सामग्री- मूल्य पहिले- अब
लाल मिरचा- 260-300
हरदी- 120-160
लोंग- 800- 1200
काली मिर्च- 600-800
चीनी- 38-44
बेसन- 70-90
अरहर दाल- 150-170
उर्द घाेबा- 100-120
चना छोला- 100-120
सरसों तेल-120-110
छोटकी इलायची-2000-3000
नोट- भाव प्रति किलो।