नई दिल्ली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना बजट सत्र के सातवां दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हो गइल। अइसन 2004 के बाद, माने करीब 22 साल में पहिलका बेर भइल बा। एह बीच न्यूज एजेंसी एएनआई सूत्रन के हवाले से दावा कइले बा कि कांग्रेस पीएम मोदी पs शारीरिक हमला करे के साजिश रचले रहे, एह चलते लोकसभा में प्रधानमंत्री के संबोधन ना करावे के फैसला लिहल गइल।
पीएम संसद में मवजूद रहलें, बोले- खातिर तइयारो रहलें
एएनआई के मोताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में मवजूद रहलें आ राष्ट्रपति के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव पs बोले खातिर पूरा तरे तइयार रहलें। बाकिर पुख्ता जानकारी मिलल रहे कि कांग्रेस लोकसभा में पीएम मोदी पs शारीरिक हमला करे के साजिश बना रहल बिया। सूत्रन के दावा बा कि एह मकसद से विपक्ष आपन महिला सांसदन के आगे कइले रहे। एह हालात के देखत लोकसभा अध्यक्ष सदन स्थगित करे के फैसला कइलें, भलही प्रधानमंत्री बोलल चाहत रहलें।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के दावा?
एकरा पहिले प्रधानमंत्री के संबोधन टलला पs भाजपा सांसद मनोज तिवारी आरोप लगवले रहलें कि ई विरोध पहिले से तय योजना के तहत भइल। उनकर कहनाम रहे कि कुछ महिला सांसद प्रधानमंत्री के सीट के आसपास घेराव जइसन स्थिति बनवले रहल लो। मनोज तिवारी कहलें कि माहौल डेरावे वाला रहे, बाकिर संसदीय कार्य मंत्री के तत्परता से हालात काबू में आ गइल।
मनोज तिवारी बतवलें कि सांझ के करीब पांच बजे जब सदन फेर से सुरू भइल आ प्रधानमंत्री के जवाब के उम्मीद रहे, ओह घड़ी विपक्ष के कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच के सीट के लगे पहुंच गइल लोग। एमे वर्षा गायकवाड़ आ ज्योतिमणि सामिल रहे लोग। महिला सांसद ‘डू व्हॉट इज राइट’ लिखल बड़ बैनर लेके विरोध कइल। ई प्रदर्शन एक दिन पहिले निलंबित आठ विपक्षी सांसदन के समर्थन में बतावल गइल। महिला सांसद प्रधानमंत्री के सीट के आसपास खड़ा होके नारेबाजी कइल लोग।
विपक्षी नारेबाजी के बीच प्रस्ताव पास
लगातार नारेबाजी के बीच बियफे के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ध्वनिमत करवलें, जवना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निचिला सदन में भाषण के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास हो गइल। बुध के दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव पs प्रधानमंत्री के जवाब अपेक्षित रहे, बाकिर विपक्षी सदस्यन के बार-बार बेवधान आ नारेबाजी के चलते स्पीकर लोकसभा स्थगित कs देलें।
2004 के बाद इतिहास फेर दोहरावल गइल
एह तरे 22 साल बाद इतिहास एक बेर फेर दोहरावल गइल, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पs प्रधानमंत्री के जवाब के बिना लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पास भइल। एकरा पहिले साल 2004 में मनमोहन सिंह सरकार के दौरान अइसने इस्थिति बनल रहे। ओह समय भाजपा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राष्ट्रपति के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब देवे से रोकले रहे।








