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गोरखपुर से कश्मीर ले सीधा रेल सेवा के खुलल रास्ता, चिनाब नदी पे रेल पुल बनले से दूर भइल बाधा

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गोरखपुर से कश्मीर ले सीधा रेल सेवा के खुलल रास्ता, चिनाब नदी पे रेल पुल बनले से दूर भइल बाधा


चिनाब नदी पे बनल रेल पुल के निर्माण के बाद अब गोरखपुर से कश्मीर तक सीधा रेल सेवा खुल गईल बा। अतवार के दिने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देश के सगरी जोनल रेलवे के अधिकारियन से जुड़ल रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव कश्मीर घाटी के चिनाब नदी पे बनल रेल पुल के विशेषता बतावत कहले कि… जम्मू तक जाए वाली ट्रेन अब कश्मीर भी जाई। हालांकि अबहियों समय लाग सकेला|

फिलहाल गोरखपुर से जम्मू खातिर दू गो ट्रेन चलत बाड़ी स
रेल मंत्री सगरी अंचल रेलवे के मीडिया पर्सन से बातचीत कइलन आ ओह लोग के सवालन के जवाब दिहलन | एनई रेलवे मुख्यालय से सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह आ वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी सीपी चौहान भी मौजूद रहे। एह पुल से जम्मू से कश्मीर ले रेल सेवा शुरू भइला का बाद गोरखपुर से कश्मीर से सीधा संपर्क होखी| वर्तमान में गोरखपुर से जम्मू खातिर दू गो ट्रेन चलत बाड़ी स। एक गोरखपुर से जम्मू और दूसरा कामाख्या से गोरखपुर होते कटरा। दुनो ट्रेन से यात्री के 22 से 23 घंटा के समय लागेला। कश्मीर जाए खातिर सड़क अउरी हवा के एकमात्र रास्ता बा, जवना के जाए में करीब 10 घंटा लागेला। कश्मीर तक रेल सेवा शुरू होखला के बाद गोरखपुर से उहाँ पहुंचे में मात्र 27 घंटा लागी।

गोरखपुर बस स्टेशन के विकास के लिए फिर से निवेशक की तलाश

राजकोट मॉडल पे गोरखपुर बस स्टेशन बनावे खातीर परिवहन निगम फेर से निवेशक के तलाश शुरू क देलस। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) पे स्टेशन के नवीकरण के निविदा खुद मुख्यालय लखनऊ से बहावल गईल, लेकिन अभी तक केहु रुचि नईखे देखवले। अयीसना में निगम के अधिकारी गोरखपुर समेत पूर्वांचल के बड़का उद्यमी से संपर्क करे लागल बाड़े। गोरखपुर समेत राज्य के प्रमुख शहर में स्थित 23 बस स्टेशन के पीपीपी मॉडल पे विकसित करे के बा। गोरखपुर बस स्टेशन खातिर 14416 वर्ग मीटर जमीन के पहचान कइल गइल बा |

नवनिर्मन खातिर 92 करोड़ रुपिया के प्रस्ताव भी तइयार बा। गोरखपुर बस स्टेशन के राजकोट मॉडल निहन बनावे के योजना बा। कायाकल्प के बाद यात्री के स्टेशन परिसर में ही सभ सुविधा मिल जाई। सुरक्षा व्यवस्था कड़ा होई। एक छत के नीचे खाना, रहे, खरीदारी अउरी मनोरंजन के पूरा इंतजाम होई। हर पल हर जगह बस के बारे में अपडेट जानकारी भी मिल जाई। यात्रियन के परिसर से बाहर जाए के जरूरत ना पड़ी।

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी कहले कि गोरखपुर बस स्टेशन के पीपीपी मॉडल पे विकसित करे के बा। एकरा खातिर स्थानीय स्तर के निवेशक से बातचीत हो रहल बा। अबहीं ले कवनो निवेशक सामने नइखे आइल |

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