नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आज ‘नवीन’ दौर के सुरुआत होखे जा रहल बा। नितिन नवीन आज औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनिहें। 45 बरिस के उमर में ई जिम्मेदारी संभाल के नितिन नवीन पार्टी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जइहें। भाजपा के युवा मोर्चा से राजनीति सुरू करे वाला नितिन नवीन के सफर कवनो कहानी से कम नइखे।
26 बरिस के उमिर में विधायक बने वाला नितिन नवीन अब देस के सबसे बड़ राजनीतिक पार्टी के कमान संभारे जा रहल बाड़ें। सोमार के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनल गइला के बाद ई साफ हो गइल कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत मिल रहल बा। नितिन नवीन, साल 2020 से अध्यक्ष पद संभाल रहल जेपी नड्डा के जगह लिहें। कायस्थ समाज से आवे वाला नितिन नवीन के 14 दिसंबर के भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बनावल गइल रहे।
सोमार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आ नितिन गडकरी जइसन दिग्गज नेता नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल कइल लोग। कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल भइल, जवना मे 36 राज्य इकाइयन आ एगो भाजपा संसदीय दल के ओर से रहल। मंगर के औपचारिक ऐलान के बाद नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कइल जइहें।
एगो रोचक संयोग ई बा कि भारतीय जनता पार्टी के स्थापना 1980 में भइल रहे आ ओही साल नितिन नवीन के जन्म भइल रहे। नितिन नवीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुकल बाड़े आ राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री के जिम्मेदारियो संभाल चुकल बाड़े। ऊ पिता आ दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद खाली भइल पटना पश्चिम सीट से 26 बरिस के उमर में चुनाव लड़ के विधायक बनल रहलें।
राजनीति में आवे खातिर नितिन नवीन के पढ़ाई बीच में छोड़े के पड़ल। सुरू में लोग उनका के बाहरी नेता मानत रहे, बाकिर सरल स्वभाव आ मेहनत के बदौलत ऊ पार्टी में मजबूत पकड़ बना लेलें। कार्यकारी अध्यक्ष बनतही ऊ तेज गति से संगठनात्मक काम में जुट गइलें।
चुनाव में बड़ अंतर से जीत हासिल करे वाला नितिन नवीन के राजनीतिक कद लगातार बढ़त रहल बा। 2006 के उपचुनाव में करीब 60 हजार वोट से जीत आ हालिया चुनाव में 51 हजार से जादे वोट के बढ़त, उनकर लोकप्रियता के साफ संकेत बा।







