हेल्थ डेस्क। कोरोना वायरस, जवन 2020 से 2023 तक पूरा दुनिया के प्रभावित कइले रहे, अब एगो नया वैरिएंट के संगे फेर से सक्रिय होत नजर आ रहल बा। वैज्ञानिक लोग एह नया वैरिएंट के BA.3.2 नाम देले बा, जवन ‘सिकाडा’ के नाम से जानल जा रहल बा। रिपोर्ट के मोताबिक ई वैरिएंट अब यूके सहित 23 देसन में फइल चुकल बा।
विशेषज्ञन के कहनाम बा कि ई नया वैरिएंट तेजी से फइल सकेला आ ओहू लोग केध् संक्रमित कs सकेला, जेकरा पहिले से कोरोना हो चुकल बा भा वैक्सीन लगवा चुकल बा। मतलब साफ बा कि ई वैरिएंट इम्युनिटी के चकमा दे सकेला।
का फेर से वैक्सीन जरूरी होई?
डॉक्टर लोग खास कs के कमजोर इम्युनिटी वाला लोग आ लईकन खातिर फेर से वैक्सीन लगवावे के सलाह दे रहल बा। वैज्ञानिक मानत बा लोग कि वैक्सीनेशन से गंभीर बेमारी के खतरा बहुते कम हो जाला, बाकिर समय-समय पs बूस्टर जरूरी हो सकेला।
तेजी से फइल रहल बा सिकाडा वैरिएंट
रिपोर्ट में बतावल गइल बा कि एह वैरिएंट में लगभग 75 म्यूटेशन हो चुकल बा, जवन एकरा के आउर खतरनाक बना सकेला। हालांकि अब तक ई साफ नइखे कि ई नया वैरिएंट बहुते गंभीर बेमारी पैदा करी, बाकिर संक्रमण के संख्या बढ़ सकेला।
लक्षण लगभग पुरान वैरिएंट जइसन
एह नया वैरिएंट में अब तक थकान, बुखार, गरदन दरद आ बदन दरद जइसन लक्षण देखल जा रहल बा। खासकर स्कूल जाये वाला लईकन में खतरा जादे मानल जा रहल बा, एकरा से अभिभावक लोगन के सतर्क रहे के सलाह दिहल जा रहल बा।
नया लहर के आशंका?
विशेषज्ञ लोग के माने के बा कि अभी तक ई वैरिएंट बहुत तेजी से नया लहर ना पैदा करत बा, बाकिर धीरे-धीरे केस बढ़ सकेला। जेतना जादे संक्रमण होई, ओतने जादे म्यूटेशन के खतरा बढ़ जाई।
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