मनीष कश्यप के जमानत खातिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका: बिहार-तमिलनाडु में दर्ज सब केस के एके जगे करे के मांग

Anurag Ranjan

यूट्यूबर पत्रकार मनीष कश्यप के ममिला बुध के सुप्रीम कोर्ट पहुंच गइल बा। एगो याचिका मनीष कश्यप के तरफ से उनकर वकील एपी सिंह दायर कइलें बाड़ें। याचिका के माध्यम से दु गो महत्वपूर्ण मांग कइल गइल बा। याचिका दायर कइला के बाद वकील एपी सिंह बतवलें कि पहिला मांग मनीष कश्यप के जमानत के बा। एने, मनीष कश्यप के मदुरई कोर्ट 14 दिन के ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज देलस।

मनीष के रेग्यूलर बेल देवे के मांग सुप्रीम कोर्ट से कइल गइल बा। जबकि, याचिका के माध्यम से दूसरका बड़ मांग कइल गइल बा कि उनका ऊपर बिहार आ तमिलनाडु के संगही जदि कवनो दोसरो राज्य में FIR दर्ज भइल बा, ओह सब के क्लब कइल जाव। ताकि एके जगे पs सारा केस के सुनवाई हो सके।

मनीष कश्यप से पहिलही ईओयू रिमांड पs लेके पूछताछ कs चूकल बिया।

राज्य सरकार आ पुलिस पs लगवलें आरोप

वकील एपी सिंह कहलें कि मनीष कश्यप के संगे न्याय होखे के चाहीं। काहेकि, राज्य सरकार आ पुलिस उनका संगे अन्याय कइलस। वकील कहलें कि मनीष अपना वीडियो के माध्यम बिहार आ पूर्वांचल के मजदूरन के आवाज के उठवले रहस। जवन मजदूरन के संगे तमिलनाडु में भइल। ओह बात के आउरियो कइयन गो लोग उठवले रहे। बाकिर, जवन कार्रवाई भइल, उ खाली मनीष कश्यप के ऊपर भइल। जवन गैर कानूनी तरीका से कइल गइल बा।

मनीष कश्यप के मूल अधिकारन के हनन भइल बा। एह बाबत मूल अधिकारन के रक्षा के काम आ जवन दु राज्यन के ममिला हो गइल बा। जबकि, एह ममिला पs बिहार के मुख्यमंत्री, लोजपा रामविलास के नेता चिराग पासवान आ कइयन गो नेता लोग आपन बातन के रखले रहे लो। बाकिर मुजरिम खाली मनीष कश्यप बन गइल बाड़ें।

पटना में रवि भट्ट दायर कइलें याचिका

दूसरका ओर पटना में मनीष के साथी आ अयोध्या टाइम्स के रवि भट्ट एंटीसिपेट्री बेल खातिर याचिका स्पेशल कोर्ट में दाखिल कइलें बाड़ें। तमिलनाडु प्रकरण में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इनको के नोटिस भेजले रहे। सामने आके सवालन के जवाब देवे के कहलें रहस। इनको ऊपर फर्जी वीडियो के वायरल करे के आरोप बा। बाकिर, नोटिस मिलला के बाद से रवि भट्ट फरार चल रहल बाड़ें। अभी ले ऊ जांच एजेंसी के सामने नइखन आइल।

ओहिजा, आज तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप के मदुरई कोर्ट में पेश कइले रहे। पुलिस आउर पूछताछ खातिर 7 दिनन के रिमांड के मांग कइले रहे। बाकिर, कोर्ट ना देलस। एह कारण उनका के 14 दिनन के ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिहल गइल बा।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।