खुद से बियाह रचावे वाली क्षमा बिंदु के शादी करावे से पंडित जी के इनकार, अब टेप पs मंत्र बजाके करिहें रस्म

Anurag Ranjan

खुद से बियाह रचावे के ऐलान कs के चरचा में आइल क्षमा बिंदु के मुश्किल बढ़त लउक रहल बा। एगो वर्ग उनका फसीला के महिला लोग के स्वतंत्रता से जोड़के देख रहल बा तs कुछ लोग हिंदुत्व के नाव पs विरोध कर रहल बा। शायद इहे वजह बा कि पहिले क्षमा बिंदु के बियाह करावे पs सहमति देवे वाला पंडित अब पीछे हट गइल बाड़े। पुजारी के कहनाम बा कि ऊ एह बियाह के नइखे करा सकत। क्षमा बिंदु कहली, ‘जवन पंडित जी पहिले एह वियाह के संपन्न करावे के बात कहले रहस, अब ऊ एकरा से पीछे हट गइल बाड़े। हम अब टेप पसे मंत्र चलाके बियाह के रस्मन के पूरा कs लेब।’

मंडप सजी आ जयमालो होई, बाकिर ना आई बारात

क्षमा बिंदु के कहनाम बा कि एक बेर मैं पारंपरिक तरीका से विवाह कs लीं तs फेर ओकरा बाद एकर कानूनी तरीका से रजिस्ट्रेशनो कराएम। ऊ कहली, ‘एक बेर हम खुद से बियाह कs लीं, ओकरा बाद एकर पंजीकरनो कराएम। ई पंजीकरण कवनो आउर कपल के जइसने होई।’ अइसन शादियन के लेके भारत में कवनो कानून ना होखला के बात पs ऊ कहली कि हs ई बात सही बा कि भारत में एकरा के लेके कवनो कानून नइखे, बाकिर इहो ओतनही सांच बा कि अइसन शादी कइल अवैध नइखे। अइसे में हम पंजीकरण खातिर आवेदन करेम आ हमार बियाह शादी वैध होई।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।