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Jitiya Vrat Vidhi: आजु जितिया व्रत पs पूजन के बन रहल बा एह तीन गो शुभ मुहूर्त, जानी व्रत विधि आ का खाके व्रत के करीं पारन

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जितिया, जिवितपुत्रिका व्रत विधि आ पारन समय : जितिया भा जीविपुत्रिका व्रत के कठिन व्रत में से एगो मानल जाला। महिला अपना संतान के दीर्घायु अवुरी समृद्धि खातीर ए व्रत के पालन करेली। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर साल आश्विन महीना के कृष्ण पक्ष के अष्टमी के दिन रखल जाला। एह साल जितिया भा जिवितपुत्रिका व्रत 6 अक्टूबर, शुक्रवार के मनावल जाता। आमतौर पs जितिया व्रत 24 से 36 घंटा के होला। एकरा के महालक्ष्मी व्रत भा जिउतिया व्रत भी कहल जाला। ई व्रत भगवान विष्णु के समर्पित मानल जाला। अगर रउआ भी जितिया व्रत मनावे वाला बानी त जितिया व्रत पूजा मुहूर्त आ व्रत तोड़े के समय आ ओकरा से जुड़ल विशेष चीजन के जानीं:

जितिया व्रत 2023 के शुभ समय 

अष्टमी तिथि 06 अक्टूबर 2023 के सबेरे 06:34 बजे से शुरू होई आ 07 अक्टूबर के सबेरे 08:08 बजे समाप्त होई।

 जितिया व्रत पूजा मुहूर्त 2023

जिवितपुत्रिका व्रत पs ई पूजा के शुभ समय बनत बा।

 •पहिला मुहूर्त – सबेरे 07:45 बजे से सबेरे 09:13

    बजे ले

•दूसरा मुहूर्त – सबेरे 09:13 बजे से 10:41 बजे ले

•तीसरा मुहूर्त – 12:09 बजे से 01:37 बजे ले

•चउथा मुहूर्त – 04:34 बजे से 06:02 बजे ले

जितिया व्रत पूजा विधि

 सबेरे-सबेरे उठ के नहाए के काम करीं। स्नान आदि के बाद सूर्य नारायण की प्रतिमा के नहवाइ। धूप, दीप आदि से आरती कs के फिर भोग चढ़ाई। माटी आ गाय के गोबर से चील आ सियारिन के मूर्ति बनाईं। कुश से बनल जीमूतवाहन के मूर्ति के धूप, दीप, चावल, फूल आदि अर्पित करी। विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना करीं आ व्रत के कहानी सुनीं। व्रत तोड़ला के बाद दान जरूर करीं।

खीर से व्रत के पारन

खीर खा के जितिया व्रत तुड़ी।एकरा के उत्तम मानल जाला। एह व्रत में मरुआ रोटी आ नोनी साग के खास महत्व होला।

 

 

 

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