नई दिल्ली। देस के आर्थिक मोर्चा पs सरकार के ताजा आंकड़ा सामने आइल बा, जवन खुदरा महंगाई में बढ़न्ती के इशारा करत बा। सरकार के ओर से जारी नवीनतम डेटा के मोताबिक दिसंबर महीना में खुदरा मुद्रास्फीति दर बढ़ के 1.33 प्रतिशत पs पहुंच गइल बा। ई आंकड़ा पिछला महीना माने नवंबर के तुलना में साफ तौर पर बढ़न्ती देखावत बा।
नवंबर के मुकाबले केतना बढ़ल महंगाई के दबाव?
जारी भइल आंकड़ा के विश्लेषण से पता चलता कि नवंबर महीना में खुदरा महंगाई दर 0.71 प्रतिशत रहल रहे। दिसंबर में ई बढ़ के 1.33 प्रतिशत हो गइल, मतलब मासिक आधार पs खुदरा महंगाई में ठोस उछाल आइल बा।
हालांकि ई दर अभियो नियंत्रित दायरा में बा, बाकिर एके महीना में प्रतिशत के हिसाब से आइल ई बढ़न्ती कीमतन में तेजी भा बेस इफेक्ट में बदलाव के संकेत दे रहल बा।
महंगाई आंकड़ा के मायना
दिसंबर: 1.33 प्रतिशत
नवंबर: 0.71 प्रतिशत
सरकार के ओर से जारी खुदरा महंगाई के आंकड़ा नीति निर्माता आ बाजार विश्लेषक लोग खातिर बहुते अहम होला। मुद्रास्फीति दर सीधा तौर पs आम आदमी के खरीद क्षमता आ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौद्रिक नीति पs असर डालेले।
0.71 प्रतिशत के निचला स्तर से बढ़ के 1.33 प्रतिशत तक पहुंचल महंगाई, आवे वाला समय में मूल्य सूचकांक के दिशा समझे में एगो बड़ संकेतक साबित हो सकेला।
आगे के संकेत
दिसंबर के खुदरा महंगाई के आंकड़ा ई बतावत बा कि खुदरा कीमतन में नरमी के दौर के बाद अब हल्का सख्ती वाला रुझान देखे के मिल रहल बा। हालांकि अभियो आंकड़ा सीमित बा, बाकिर 1.33 प्रतिशत के स्तर ई साफ कs रहल बा कि देस के अर्थ बेवस्था में मांग आ आपूर्ति के संतुलन धीरे-धीरे बदल रहल बा।
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