123 वां सृजन संवाद में जगजीत सिंह आ बिमल राय पs भइल चरचा

Anurag Ranjan

सृजन संवाद, मास कम्युनिकेशन विभाग, करीम सिटी कॉलेज आ न्यू दिल्ली फिल्म फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में सृजन संवाद के 123 वां संगोष्ठी के आयोजन कइल गइल। एमे देस के जानल मानल वरिष्ठ सिने पत्रकार आ लेखिका श्रीमती सत्या शरण आउर डॉ. शोमा ए चटर्जी के आमंत्रित कइल गइल रहे। सबसे पहिले सृजन संवाद कार्यक्रम के संयोजिका डॉ. विजय शर्मा सभे के स्वागत कइली। कार्यक्रम के संचालन कs रहल मास कम्युनिकेशन विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी दुनो अतिथियन के परिचय करवली।

सत्या शरण सुप्रसिद्ध गायक जगजीत सिंह के जीवनी पs आधारित आपन किताब ‘बात निकलेगी तो फिर’ के विषय में बोलत जगजीत सिंह के जिनगी आ संगीत यात्रा पs प्रकाश डलली। ऊ जगजीत सिंह के उल्लेख करत बतवली कि कवना तरे एगो अति साधारण परिवार से महान कलाकार बने के सफर ऊ तय कइलें। गुलजार आ जगजीत सिंह के संयुक्त प्रयास से बनल दूरदर्शन के मशहूर सीरियल ‘मिर्जा गालिब’ के संगीत पs चरचा कइल गइल। मालूम होखे कि सत्या सरण सुप्रसिद्ध पत्रिका फेमिना के लमहर समय तक संपादक रहल बाड़ी आ ऊ कइयन गो फिल्मी हस्तियन पs किताब लिखले बाड़ी।

सुप्रसिद्ध फिल्म आलोचक डॉ. शोमा ए चटर्जी विमल राय के सिनेमा पs बोलत बतवली कि बिमल रॉय अपना बांग्ला परिवेश से बाहर निकल के मुंबई के हिंदी भाषा के परिवेश में कबो सामिल ना हो सकलें। बावजूद एकरा ऊ कइयन गो अइसन फिलिम बनवले जवन हमेशा एगो सामाजिक संदेश के माध्यम बनल आ सभे के दिलन के छू गइल। ऊ देस के ऋषिकेश मुखर्जी, गुलजार जइसन हस्तियन के बढ़ावा देलें। उल्लेख करे जोग बा कि शोमा के माता आ विमल रॉय के पत्नी बहुत अच्छा सहेली रहल बा लो। सोमा खुद स्वर्णकमल पदक प्राप्त सिने लेखिका हई, जे 30 से जादे किताबन के लिखले बाड़ी।

कार्यक्रम के अंत में न्यू दिल्ली फिल्म फाउंडेशन के श्री आशीष कुमार सिंह धन्यवाद ज्ञापन कइलें। मास कम्युनिकेशन विभाग के शाहजेब परवेज तकनीकी सहजोग देलें। कार्यक्रम में देहरादून से मनमोहन चड्ढा, ऑस्ट्रेलिया से निर्मला ठाकुर, लखनऊ से डॉ. मंजुला मुरारी, डॉ. रा. पाण्डेय, बनारस से डॉ. कल्पना पंत, डॉ. धनन्जय चौबे, गोमिया से प्रमोद कुमार बर्णवाल, जमशेदपुर से आभा विश्वकर्मा, वीणा कुमारी, विभा झा, अभिषेक कुमार गुप्ता, शालिनी श्रीवास्ताव, ओलिविया बिश्वास, अलिसा परवीन, अनीशा आ मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थी उपस्थित रहे लोग।

अप्रिल महीना के 124वीं सृजन संवाद गोष्ठी साहित्य पs आधारित होखल तय भइल बा।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।