Loan App: कर्ज देवे आला एप पs कसल शिकंजा, अब उधारी सीमा बढ़ावे खातिर लेवे के होई ग्राहकन के मंजूरी

Anurag Ranjan

डिजिटल तरीका से करजा देवे आला एप ग्राहकन के मंजूरी के बिना उधारी सीमा ना बढ़ा सकी लो। आरबीआई बुध के करजा देवे वाला एप के लेलेके जारी निर्देश में कहलस कि  ओकरा ओर से रेगुलेटेड फिनटेक संस्थानन के ग्राहकन के शिकायतन के समाधान खातिर अधिकारी के नियुक्ति करे के होई। इहे अधिकारी डिजिटल उधारी से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेगा। अगर डिजिटल मंचन के जरिये करजा बांटे आला ई एप शिकायतन के 30 दिन में नइखे सुलझावत लो तs ग्राहक केंद्रीय बैंक के लोकपाल के लगे शिकायत दर्ज करा सकत बा लो।

आरबीआई डिजिटल उधारी पs गठित कामकाजी समूह (डब्ल्यूजीडीएल) के कुछ सिफारिशन के तुरंत लागू करे के फसिला कइले बा। ओहिजा, कुछ सिफारिशन के सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दिहल गइल बा, जवना के बाद में लागू कइल जाई। एकरा अलावे, कुछ सिफारिशन के केंद्र सरकार आ आउर शेयरधारकन से विचार-विमर्श के बाद लागू कइल जाई। एकरा खातिर संस्थागत तंत्र बनावल जाई।

  • 30 दिन में समाधान ना कइला पs आरबीआई लोकपाल से शिकायत कर सकी ग्राहक

शुल्क सहित सब प्रमुख विवरण के देवे के होई जानकारी

रेगुलेटेड संस्थान के प्रमुख विवरण ( फैक्ट्स स्टेटमेंट) ग्राहक के मुहैया करावे के पड़ी। एमे सब डिजिटल उधारी उत्पाद के एगो स्टैंडर्ड फॉर्मेट होई।

  • विवरण में हर तरे के शुल्क, चार्ज आ आजर जानकारी होई। विवरण में जवन बात नइखे, उ आगहु ग्राहक पs लागू ना होई। एकरा अलावे, सब कर्जन के जानकारी क्रेडिट ब्यूरो के देवे के होई।

कर्ज सीमा आ लागत के देवे के होई जानकारी

निरदेस में कहल गइल बा कि बैंक आ गैर-बैंकिंग संस्थानन के सुनिश्चित करे के होई कि जेकरा साथे उ कारोबार कर रहल बा, उ डिजिटल उधारी देवे आला एप उत्पादन से संबंधित फीचर के प्रमुखता से देखावे। एमे कर्ज सीमा आ लागत सहित सब जानकारी होखे के चाहीं।

ग्राहकन के डाटा के सुरक्षा जरूरी

  • आरबीआई ने कहलस, एप के ग्राहकों के डाटा के सुरक्षा सुनिश्चित करे के होई। डाटा संबंधी काम खातिर ओकर मंजूरी लेवे के होई।
  • डाटा खातिर पहले दिहल मंजूरी के ग्राहक वापस ले सकत बा। एकर मतलब बा कि ग्राहकन के स्वीकार आ अस्वीकार करे के सुविधा देवे के होई।

डिजिटल कर्ज के धोखाधड़ी रोके के तइयारी

  • डिजिटल कर्ज से जुड़ल धोखाधड़ी के रोके खातिर डब्ल्यूजीडीएल कावर से दिहल गइल सिफारिशन के आधार पs आरबीआई ई निरदेस तइयार कइले बा।
  • लगातार बढ़ रहल डिजिटल कर्ज से जुड़ल धोखाधड़ी के रोके खातिर केंद्रीय बैंक 13 जनवरी, 2021 के कामकाजी समूह के स्थापना कइले रहे
  • सिफारिश में कहल गइल रहे कि डिजिटल उधारी या तs आरबीआई के ओर से रेगुलेटेड एप दे सकत
  • भा अइसन संस्थान, जवना के कवनो आउर कानून के तहत मंजूरी मिलल होखे।
Share This Article
Content Creator
Follow:
सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।