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गोरखपुर गौरव संग्रहालय: बुद्ध-वैदिक काल के संग्रह से गौरवान्वित होइ गोरक्षनगरी, एही महीना से शुरू होइ काम

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बुद्ध-वैदिक काल से जुड़ल स्थानीय कला, संस्कृति, वास्तुकला आ शिल्प के माध्यम से पूर्वांचल के लोग के गर्व के एहसास करावे खातिर सिविल लाइन्स क्षेत्र में एगो गौरव संग्रहालय के निर्माण कईल जाई। सरकार 20.16 करोड़ के लागत से बने वाला एह संग्रहालय के निर्माण खातिर 5.80 करोड़ रुपिया के बजट के पहिला किस्त जारी कइले बिया। अब निविदा के प्रक्रिया चल रहल बा। एह महीना के आखिरी हफ्ता ले निर्माण शुरू करे के तइयारी चलत बा।

1.6 एकड़ के इलाका में फइलल एह तीन मंजिला संग्रहालय में पर्यटकन के आकर्षित करे खातिर भित्तिचित्र, मूर्तिकला, पेंटिंग वगैरह होखी। एह संग्रहालय में कुल सात गो गैलरी होखी जवना में गोरखपुर आ आसपास के इलाका के ऐतिहासिक आ सांस्कृतिक धरोहर के चित्रण कइल जाई। प्रदर्शन भौतिक आ डिजिटल दुनु माध्यम से करे के योजना बा।

सभ गैलरी दूसरा अवुरी तीसरा मंजिल पs होई। पहिला मंजिल पs एगो छोट सभागार होई, जवना में करीब 500 दर्शक बईठ के कवनो कार्यक्रम देख सकेले। पर्यटकन के सुविधा खातिर भूतल पs पुस्तकालय, कैफेटेरिया, छात्रावास, सम्मेलन हॉल, पार्किंग आदि के भी व्यवस्था कइल जाई।

गैलरी के समर्पित कइल जाई

•गैलरी-1 : वैदिककाल के समर्पित

•गैलरी-2 : बुद्धकाल के समर्पित

•गैलरी-3 : जैनकाल के समर्पित

•गैलरी-4 : नाथपीठ के समर्पित

•गैलरी-5 : संतकबीर के समर्पित

•गैलरी- 6 आ 7 : स्वतंत्रता संग्राम में पूर्वांचल

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविन्द्र कुमार मिश्र बतवले कि गौरव संग्रहालय के प्रस्ताव सरकार के भेजल गईल, ओकरा बाद बजट के पहिला किस्त जारी कईल गईल। निविदा प्रक्रिया चल रहल बा। एकर निर्माण के काम ए महीना के अंत ले शुरू हो जाई।

 

 

 

 

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