नेपाल गइल भइल महंगा: वाहनन के परमिट शुल्क बढ़ल, सरकार के नया आदेस से भारतीयन के जेब हो रहल बा ढीला

Anurag Ranjan

भारत से नेपाल गइल अब आउर महंगा हो गइल बा। पड़ोसी देस वाहनन के परमिट शुल्क बढ़ा देले बा। फैसला सोमार से लागू हो गइल। नया नियम के मोताबिक अब दो पहिया वाहनन के 150 नेपाली रुपिया के स्थान पs 500 रुपिया आ चार पहिया वाहनन के 500 नेपाली रुपिया के स्थान पs 700 रुपिया देवे के होई। नेपाल दु महीना पहिलही वाहनन के प्रवेश शुल्क (भंसार) में इजाफा कइले रहे।

जानकारी के मोताबिक, पहिले बुटवल आ लुंबिनी तक जाये खातिर वाहनन के परमिट ना लेवे के पड़ता रहे। अब उहवों जाये खातिर वाहन के परमिट लेवे के होई। बुटवल आ लुंबिनी से आगे जाये खातिर परमिट लिहल अनिवार्य रहे। नेपाल कैबिनेट ने अब नया नियम के मंजूरी दे देले बा, जवना के सोमार से लागू कs दिहल गइल। एकरा मोताबिक, दु पहिया वाहन के परमिट शुल्क में 350 नेपाली रुपिया के आउर चार पहिया वाहन के परमिट शुल्क में 200 नेपाली रुपिया के बढ़न्ती कs दिहल गइल बा।

दु महीना पहिले नेपाल दु आ चार पहिया वाहनन के प्रवेश शुल्क (भंसार) में बढ़न्ती कइले रहे। दु पहिया वाहन के प्रवेश शुल्क 150 रुपिया (नेपाली) से बढ़ाके 200 रुपिया कइल गइल रहे, जबकि चार पहिया वाहन के शुल्क 500 रुपिया से बढ़ाके 600 रुपिया (नेपाली) कs दिहल गइल रहे। भैरहवा भंसार कार्यालय सूचना अधिकारी युवराज भटराई बतवलें कि भंसार शुल्क में वृद्धि के बाद यातायात विभाग परमिट शुल्क में इजाफा कs देले बा। नया नियम सोमार से लागू हो गइल।

रोटी बेटी के रिश्तन में आ रहल बा कड़वाहट

सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत दुनो देसन के नागरिक कइयन बरिसन से अपना सगा संबंधियन के इहां जात रहे ला लो। एकरा संगही हरदिन करीब 300 भारतीय पर्यटक वाहन नेपाल जाला। भंसार शुल्क के बाद परमिट के बढ़ला से भारतीय यात्रियन आ पर्यटकन के नेपाल यात्रा में जादे कीमत चुकावे के पड़ रहल बा।

नेपाली वाहनन से ना वसूलल जाला शुल्क

नेपाल सरकार एह शुल्क के बढ़ावे के प्रस्ताव बजट में पास कइल गइल रहे। जवना के सोमार से लागू कइल गइल बा। सोनौली सहित नेपाल से जुड़ल सब सीमा पs लागू कs दिहल गइल बा। एकता उल्टा भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करे वाला नेपाली नंबरन के वाहनन के खाली कस्टम इंट्री होला। नेपाली वाहनन के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश खातिर कवनो शुल्क ना देवे के पड़ेला।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।