Gandhi Peace Prize 2021: साल 2021 के गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर के प्रदान कइल जा रहल बा। ई पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर के अहिंसक आ आउर गांधीवादी आदर्शन के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक आ राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन ले आवे में उत्कृष्ट जोगदान खातिर दिहल जा रहल बा। पुरस्कार के घोषणा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ सोशल मीडिया पs गीता प्रेस गोरखपुर के बधाई दिहल लो।
एह काम खातिर मिलल पुरस्कार
पीएम नरेन्द्र मोदी के अध्यक्षता में निर्णायक मंडल 18 जून, 2023 के विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से साल 2021 के गांधी शांति पुरस्कार खातिर गीता प्रेस, गोरखपुर के चयन कइलस। ई पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर के अहिंसक आ आ उर गांधीवादी आदर्शन के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक आ राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन ले आवे में उत्कृष्ट जोगदान खातिर दिहल जा रहल बा। 2019 में ओमान के सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद आ 2020 में बांग्लादेश के बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित कइल गइल रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ कइल लो ट्वीट
पीएम मोदी ट्वीट कs के लिखलें, हम गीता प्रेस, गोरखपुर के गांधी शांति पुरस्कार 2021 से सम्मानित कइल गइला पs बधाई देत बानी। लोगन के बीच सामाजिक आ सांस्कृतिक परिवर्तन के आगे बढ़ावे ले दिशा में ऊ लोग पिछला 100 बरिस में सराहनीय काम कइले बा लो’। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लिखलें, ‘भारत के सनातन धर्म के धार्मिक साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र, गोरखपुर इस्थित गीता प्रेस के साल 2021 के ‘गांधी शांति पुरस्कार’ प्राप्त होखला पसे हृदय से बधाई। स्थापना के 100 साल पूरा होखला पs मिलल ई पुरस्कार गीता प्रेस के धार्मिक साहित्य के एगो नया उड़ान दिही। एकरा खातिर आदरणीय प्रधानमंत्री जी के हार्दिक आभार।’
Gitapress was started by my late great grandfather Jaydayal Goenka.
— Udit Goenka (@iuditg) June 18, 2023
भारत के सनातन धर्म के धार्मिक साहित्य का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र, गोरखपुर स्थित गीता प्रेस को वर्ष 2021 का ‘गांधी शांति पुरस्कार’ प्राप्त होने पर हृदय से बधाई।
स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मिला यह पुरस्कार गीता प्रेस के धार्मिक साहित्य को एक नई उड़ान देगा।
इसके लिए आदरणीय…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 18, 2023
पूरा हो गइल बा 100 साल
साल 1923 में स्थापित गीता प्रेस विश्व में सबसे बड़ प्रकाशकन में से एगो बा। ई 14 भाषा में 41.7 करोड़ पुस्तकन के प्रकाशन कइले बा, जेमे 16.21 करोड़ श्रीमद भगवद गीता पुस्तक सामिल बा। ई संस्था पईसा खातिर कबो अपना प्रकाशनन खातिर विज्ञापन ना लिहल। एह प्रकाशन के 100 साल पूरा हो गइल बा।
गांधी शांति पुरस्कार में एक करोड़ ररुपिया के राशि, एगो प्रशस्ति पत्र, एगो पट्टिका आ एगो उत्कृष्ट पारंपरिक हस्तकला/हथकरघा विशिष्ट कृति प्रदान कइल जाला।