Friendship Day: आजु ह फ्रेंडशिप डे, जानि काहे मनावल जाला दोस्ती के इ त्योहार

Minee Upadhyay

दोस्ती के रिश्ता बहुत सुन्दर रिश्ता ह। ई रिश्ता हर जाति आ धर्म से परे बा। दोस्ती अइसन रिश्ता ह जवना के बिना कवनो शर्त के दिल से बना के राखल जा सकेला। पूरा दुनिया में हर साल अगस्त के पहिला अतवार के फ्रेंडशिप डे मनावल जाला। एह साल फ्रेंडशिप डे 1 अगस्त यानी आजु मनावल जा रहल बा।

अंतर्राष्ट्रीय मैत्री दिवस 30 जुलाई के आधिकारिक तौर पs मनावल जाला। भारत आ बांग्लादेश समेत अउरी कई देशन में अगस्त के पहिला अतवार के फ्रेंडशिप डे मनावल जाला। बाकिर का रउरा कबो सोचले बानी कि दोस्ती के ई परब कब आ कइसे शुरू भइल। त आईं जानीं फ्रेंडशिप डे के इतिहास के बारे में…..

 

फ्रेंडशिप डे के इतिहास :

फ्रेंडशिप डे के शुरुआत साल 1958 में भइल रहे। बतावल जाता कि साल 1958 के अगस्त के पहिला अतवार के एगो आदमी के हत्या भईल रहे। अपना मरल दोस्त के याद में आदमी आत्महत्या क लेले रहे। एकरा बाद से अमेरिकी सरकार अगस्त के पहिला अतवार के फ्रेंडशिप डे के रूप में मनावे के फैसला कईलस।

एगो अउरी कहानी 

फ्रेंडशिप डे से जुड़ल कई गो कहानी इतिहास के पन्ना में देखे के मिलेला। मानल जाला कि पराग्वे के डाक्टर रमन आर्टेमियो 20 जुलाई 1958 के एगो डिनर पार्टी के आयोजन कइलें, एह दौरान उनके अपना दोस्तन के साथे फ्रेंडशिप डे मनावे के बिचार आइल। तब से पूरा दुनिया में फ्रेंडशिप डे मनावल जाला।

एकरा के एह तरह से खास बनाईं:

दोस्ती के त्योहार के खास बनावे खातिर एह दिन सब दोस्त मिल के पार्टी के आयोजन करेले। एकरा अलावे दोस्त लोग एक दूसरा के कार्ड, शुभकामना, उपहार आदि देके हर पल के आनंद लेवेले। कुछ लोग एह दिन के यादगार बनावे खातिर हिल स्टेशन भा अपना मनपसंद जगहन पs जाए के पसन्द करेला।

          तोहरे दिलवा में हम अपन कमी छोड़ जाईब

अँखियों में इंतिजार के लकीर छोड़ जाईब

एक दिन सगरो ओर खोजबु हमरा के

आईसन हम दोस्ती के कहानी छोड़ जाईब

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भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।