बाबू रघुवीर नारायण रचित “बटोहिया” यायावरी वाया भोजपुरी के यूट्यूब चैनल पs भइल रिलीज, नवहा गायकन के आवाज से सजल बा कालजयी गीत

By Anurag Ranjan

Published on: Aug 6, 2023

गोरखपुर: भोजपुरी भाषा आ साहित्य खातिर समर्पित संस्था “यायावरी वाया भोजपुरी” के यूट्यूब चैनल पs आज अतवार  के स्व० बाबू रघुवीर नारायण जी के साल 1911 में लिखल कालजयी गीत “बटोहिया” एगो नया कलेवर आ

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गोरखपुर: भोजपुरी भाषा आ साहित्य खातिर समर्पित संस्था “यायावरी वाया भोजपुरी” के यूट्यूब चैनल पs आज अतवार  के स्व० बाबू रघुवीर नारायण जी के साल 1911 में लिखल कालजयी गीत “बटोहिया” एगो नया कलेवर आ अंदाज में रिलीज हो गइल। एह गीत के अपना आवाज से 6 गो नवहा गायक/गायिका मिलके सजवले बा लो।

भोजपुरी के राष्ट्रीय गीत के रूप में प्रसिद्ध गीत बटोहिया के रचना स्व० बाबू रघुवीर नारायण द्धारा साल 1911 में कइल गइल रहे।

6 गायकन के मधुर आवाज से सजल बा गीत

मालूम होखे कि भोजपुरी के राष्ट्रीय गीत के रूप में मशहूर गीत बटोहिया के 6 गो गायक-गायिका अपना आवाज से सजवले बा लो। जेमे शालिनी दुबे, आदित्य राजन, अनन्या सिंह, पूजा निषाद, प्रसेनजीत आ कार्तिकेय सामिल बा लो। म्यूजिक प्रोडक्शन के जिम्मा सुशांत देव आ रवि शंकर विश्वकर्मा निभवले बा लो। फिल्मांकन के जिम्मा वन शॉट फिल्म्स के टीम निभवले बिया जेमे सुमित तिवारी आ सुधांशु प्रमुख बा लो।

गीत के आवाज देवे वाला गायक गायिका (ऊपर से नीचे के क्रम में): आदित्य राजन, शालिनी दुबे, अनन्या सिंह, कार्तिकेय, प्रसेनजीत, पूजा निषाद। तस्वीर साभार- यायावरी वाया भोजपुरी

भोजपुरी के पहिला स्टोरीटेलिंग ऐप हs “यायावरी वाया भोजपुरी”

बता दीं कि भोजपुरी के पहिला स्टोरी टेलिंग ऐप “यायावरी वाया भोजपुरी” अपना ऐप पs देस-बिदेस के कहानियन के सुनावे खातिर जानल जाला। एकरा संगे-संगे यूट्यूब चैनल पs हर महीना पारंपरिक, लोक संस्कृति आ भक्ति रस से भरल गीतन के निर्माण कs के यूट्यूब चैनल के माध्यम से आम जनता तक  पहुंचावे के काम संस्था द्वारा कइल जाला।

भविष्य खातिर निर्माण के प्रक्रिया में बा कइयन गो गीत 

संस्था के सदस्य आ गीत-संगीत के निर्माण प्रक्रिया से जुड़ल सुधीर कुमार मिश्र बातचीत के क्रम में बतवलें कि पिछिला साल भर में अभी तक 13- 14 गीत रिलीज कइल जा चुकल बा। आवे वाला समय खातिर कइयन गो गीत अभी निर्माण के प्रक्रिया में बा।

संस्था के सदस्य सुधीर कुमार मिश्र खबर भोजपुरी से खास बातचीत कइलें।

ऊ आगे बतवलें कि संस्था के कोसिस रहेला कि लोक से जुड़ल गीतन के आज के दौर में नया पीढ़ी के पसंद के मोताबिक बनाके ओकरा के सब केहू तक पहुंचावल जाव। गीत-संगीत के एह सार्थक पहल के लोगन के भरूपर समर्थन सहित लोगन के जरूरी सुझाव मिलत रहेला। ऊ लोगन से भोजपुरी में बन रहल निमन गीत-संगीत के सुने के अपील कइलें।

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