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Diwali Date 2022: 25 के सूर्य ग्रहण, एह बेर धनतेरस, नरक चतुर्दशी के तारीख के लेके कंफ्यूजन, जानीं ज्योतिषियन के राय

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कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी के धनतेरस, चतुर्दशी के नरक चतुर्दशी (चौदस) आ अमावस्या के दिवाली मनावल जा रहल बा। बाकिर एह बेर दिवाली के छोड़के धनतेरस, नरका चौदस आ गोवर्धन पूजा के तारीख के लेके कंफ्यूजन बा। असल में अबकी बेर 25 अक्टूबर के सूर्य ग्रहण लग रहल बा, अबकी बेर तीनों त्योहारन के तिथियन के लेके संशय बा। कइयन ज्योतिषियन के मानीं त धनतेरस 23 अक्टूबर के बा आ 24 अक्टूबर के नरक चतुदर्शी आ दिवाली एक दिन। ओहिजा, कइयन आउर ज्योतिषियन के कहनाम बा कि धनतेरस 22 अक्टूबर सनीचर के बा। एकरा पीछे ओह लो के तर्क बा कि अबकी बेर कार्तिक के महीना में सप्तमी तिथि बढ़ रहल बा, एहिसे चतुदर्शी 23 के साँझ के सुरू होई आ 24 के साँझ के खतम होई, एहिसे दिवाली 24 के मनावल जाई, काहेकि दिवाली प अमावस्या तिथि के रात के पूजा कइल जात बा। एह बेर चतुर्दशी तिथि के सुरुआत 23 अक्टूबर के साँझ 5.04 से आरंभ हो रहल बा जवन  24 अक्टूबर के साँझ 5.04 तक बा। ग्रहण के कारण 25 के अमावस्या होखला के बादो दीपावली नइखे मनावल जाई।

ज्योतिषियन के मानीं त अबकी बेर 25 के प्रात:काल 4.20 (‌ब्रह्म मुहूर्त ) से ग्रहण के सूतक शुरू हो रहल बा। सूर्यग्रहण के बेरा संध्या 4.22 से शुरू होई आ मोक्ष 5.30 प होई। दीपावली प ऐन्द्र आ मित्र योग का के संयोग बन रहल बा। शुभ योग में महालक्ष्मी कुबेर आदि के पूजन होई। अबकी बेर दिवाली के अगिला दिने गोवर्धन पूजा नइखे बलुक 26 अक्टूबर के गोवर्द्धन पूजा होई।

इयाद रखीं एह तिथियन:

22 अक्टूबर: सनीचर के धनत्रयोदशी

23 अक्टूबर: अतवार के छोट दीपावली

24 अक्टूबर: सोमार के दीपावली

25 अक्टूबर: मंगर के सूर्य ग्रहण

04 बजकर 22 मिनट से ग्रहण के सुरुआत

05 बजकर 30 मिनट प ग्रहण के मोक्ष

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