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Rahul Gandhi: राहुल के हो रहल होई पछतावा? जवना अध्यादेश के 10 साल पहिले फड़लें आज ऊ बन सकत रहे ‘संकट मोचक’

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Rahul Gandhi Disqualified: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के मानहानि के एगो ममिला में सूरत कोर्ट द्वारा दोषी ठहरावल गइला के बाद उनका एगो आउर झटका लागल। सूरत कोर्ट दोषी ठहरावत 2 साल के सजा सुनवलस। हालांकि, उनका तुरंत जमानतो मिल गइल,  बाकिर एह ममिला के लेके लोकसभा सचिवालय द्वारा एगो नोटिफिकेशन जारी कs के उनकर सदस्यता रद्द कs दिहल गइल बा।

राहुल के आंखिन के सोझा से गुजरल इतिहास

जदि हमनी के भ्रष्टाचार से लड़े के बा, तs छोट समझौता बंद करे के पड़ी। राहुल गांधी तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा ले आवल आइल एक अध्यादेश को लेके ई बात कहले रहलें आ आज इतिहास उनका सामने से गुजर रहल बा। दरअसल, हमनी के बात कर रहल बानी डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2013 के एगो फैसला के निष्क्रिय करे खातिर एगो अध्यादेश ले आवल गइल रहे, जवना के राहुल गांधी फाड़ देले रहस।

का रहे सुप्रीम कोर्ट के फैसला के निष्क्रिय करे वाला अध्यादेश?

सितंबर 2013 में यूपीए सरकार अध्यादेश पारित कs के सुप्रीम कोर्ट के ओह फैसला के निष्क्रिय कइले रहे, जेमे कहल गइल रहे कि सांसदन आ विधायकन के दोषी पावल गइला पs ओह लोगन के सदस्यता रद्द कs दिहल जाई। फैसला के खिलाफ अध्यादेश पारितो हो गइल रहे आ ओह घरी भाजपा, वामदल समेत कई विपक्षी पार्टी एकर विरोधो कइले रहे, बाकिर अध्यादेश का वापस ना लिहल गइल। हालांकि, राहुल गांधी के दखल के बाद एह अध्यादेश के वापस ले लिहल गइल रहे।

खुद के सरकार पs राहुल उठवले रहस सवाल

विपक्षी पार्टियन के हंगामा के बाद कांग्रेस एगो प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अध्यादेश के अच्छाइयन के जनता के सोझा रखे के कोसिस कइले रहे, बाकिर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में राहुल गांधी पहुंचलें आ खुद के सरकार पs सवाल खड़ा करे लगलें। एह दौरान ऊ अध्यादेश के बकवास बतवले रहस आ अध्यादेश के कॉपी के फाड़ देले रहस। जवना के लेके आजुओ भाजपा उनका पs निशाना साधत रहेले।

ओह घरी राहुल गांधी कहलें रहस कि राजनीतिक दलन के वजह से हमनी के एकरा के ले आवे के आवश्यकता बा। हर केहू इहे करत बा, बाकिर ई सब बंद होखे के चाहीं। जदि हम देस में भ्रष्टाचार से लड़ल चाहत बानी, तs अइसन सब छोट समझौता बंद करे के पड़ी। संगही ऊ सरकार द्वारा ले आवल गइल अध्यादेश के गलत बतवले रहस।

राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जब अध्यादेश के बकवास बतावत रहले तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमेरिका के दौरा पs रहस आ उहां से लवटला ने के बाद अक्टूबर में सरकार अध्यादेश के वापस ले लेले रहे। जदि एह अध्यादेश के वापस नइखे लिहल जात, तs सायद आज इस्थिति दोसर होइत।

का हs जनप्रतिनिधि कानून?

जनप्रतिनिधि कानून के तहत, जदि कवनो सांसद भा फेर विधायक के दु साल से जादे के सजा होत बा, तs ओकर सदस्यता रद्द हो जाई। एकरा अलावे सांसद भा विधायक जब आपन सजा के अवधि पूरा कs ली लो ओकरा 6 साल तक चुनाव नइखे लड़ सकत लो। एकर मतलब बा कि राहुल गांधी 8 साल तक चुनाव नइखन लड़ सकत।

साभार: दैनिक जागरण

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