
शुक्क के बिहाने हमेशा के तरह तड़के अपने आवास से निकलला के बाद योगी सबसे पहिले गुरु गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगवलें।

विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकर दर्शन-पूजन कइलें एकरे बाद उ अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जा के माथा टेकलें।

मंदिर परिसर के भ्रमण अउर गोसेवा के बाद ऊ हिंदू सेवाश्रम गइलें, जहवाँ सुबह से ही अपने समस्या बतावे खातिर लोग उनकर अगोरा करत रहलें।

उहां आइल हर-एक के पास खुद पहुंच के उनकर प्रार्थना-पत्र लिहलें। प्रशासन से जुड़ल मामिला के समस्यात्मक आवेदन पत्र उ जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश के दिहलें।