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बिलकिस बानो सुप्रीम कोर्ट में दायर कइलस पुनर्विचार याचिका, दोषियन के रिहाई के दिहलें चुनौती

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साल 2002 के गोधरा दंगा के दौरान सामूहिक दुष्कर्म अउर परिवार के सदस्य के हत्या करे वाले 11 दोषियन के समय से पहिले रिहाई के चुनौती देत बिलकिस बानो सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कs दिहले बाड़ी। बिलकिस बानो के वकील लिस्टिंग खातिर भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के समक्ष मामिला के उल्लेख कइलें। एह दौरान चीफ जस्टिस कहनें कि एह मुद्दा के जांच करी कि का दूनों याचिका के एके संगे सुनल जा सकsता अउर का उनके एक्के बेंच के सोझे सुनल जा सकsता?

एहसे पहिलहूँ दू याचिका दायर

बिलकिस बानो केस में एहसे पहिलहूँ दू याचिका दायर कइल जा चुकल बा। मुख्य याचिका के बाद 21 अक्तूबर के एक महिला संगठन के ओर से भी याचिका दायर कइल गइल रहे। जस्टिस अजय रस्तोगी अउर जस्टिस सीटी रविकुमार के पीठ ई याचिको मुख्य याचिका के साथ जोड़ दिहले। दूनों याचिका पर एक संगे सुनवाई कइल जाई। शीर्ष कोर्ट ‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमन’ द्वारा दायर एगो याचिका पs पहिले से सुनवाई कs रहल बा। एहमें सजा के छूट अउर मामिला में दोषियन के रिहाई के चुनौती दीहल गइल।

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