गजल : जिनगी भर बस ईहे काम कइलन स (मनोज भावुक)

By Anurag Ranjan

Published on: Nov 3, 2024

ऊ नामी आदमिन के साजिशन बदनाम कइलन स एही तिकड़म से सारे खूब नू चर्चा में अइलन स।   केहू पूछल ना ओकनी के त एगो काम कइलन स  खुदे संस्था बनवलन स आ खुदही

Share

Manoj bhauvk

ऊ नामी आदमिन के साजिशन बदनाम कइलन स

एही तिकड़म से सारे खूब नू चर्चा में अइलन स।

 

केहू पूछल ना ओकनी के त एगो काम कइलन स 

खुदे संस्था बनवलन स आ खुदही मेठ भइलन स।

 

दिया हम नेह के लेके सफर में बढ़ रहल बानी

ऊ नफरत के भयंकर आग में जर-जर बुतइलन स।

 

बेचारा का करs सन, बम में दम त बा ना सिरिजन के 

केहू के खींच के टङरी ऊ आपन कद बढ़इलन स।

 

बना देलन स सच के झूठ ऊ अपना थेथरपन से   

मगर सच सच रहेला ई ना लबरा बूझ पइलन स।

 

जहाँ तक हो सके, दूरे रहीं कींचड़ आ लीचड़ से 

परल एहनी के पाले जे, ई ओकर नाश कइलन स।

 

कबो पनरोह से पूछीं जे जमकल पाँक के पिलुआ 

दहइलन सन ना पानी से त बाँसो से कोंचइलन स।

 

कहाँ पानी गटर के रोक पवलस गाछ के बढ़ती? 

निगेटिव जीव कतने राह में अइलन स, गइलन स।

 

करीं आभार ए मुरुखन के, मन से दीं दुआ खूबे  

एकनिये के नू राउर मुफ़्त में परचार कइलन स।

 

जोगाड़ू फूल माला मंच बैनर जय हो जय हो से

बिना कुछ करनी धरनी के फलाने जी कहइलन स।

 

भला असमान पर थुकला से ओकर का होई ‘भावुक’

मगर बकलोल जिनगी भर बस ईहे काम कइलन स।

Manoj bhauvk Bhojpuri poet
मनोज भावुक

मनोज भावुक जी के परिचय-

भोजपुरी खातिर आपन जिनगी समर्पित कs देवे वाला मनोज  भावुक जी प्रख्यात साहित्यकार, फिल्म समीक्षक, भोजपुरी सिनेमा के इतिहासकार, संपादक, सुप्रसिद्ध कवि आ टीवी पत्रकार हईं। लगभग एक दशक तक अफ्रीका आ यूके में बतौर इंजिनियर सेवा देला के बाद मनोज जी पूरा तरह से मीडिया से जुड़ गइनी अउर महुआ, अंजन, हमार टीवी, ज़ी टीवी, टाइम्स नाउ, न्यूज 18 समेत कइयन गो चैनलन में वरिष्ठ पद पर काम कs चुकल बानी। मनोज जी के गजलन आ गीतन में जिनगी के सच्चाई छुपल रहेला।

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.