केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई एगो बड़ कार्रवाई के अंजाम देत आम्रपाली बिल्डर ग्रुप के तत्कालीन सीएमडी डॉ. अनिल शर्मा सहित कइयन गो आउर आरोपियन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कs लेले बा। असल में ई ममिला 2 अगस्त 2014 के लखीसराय इस्थित उहां के बहुचर्चित बालिका विधापीठ शिक्षण संस्थान के पूर्व सचिव डॉ. कुमार शरद चंद्र के हत्या से जुड़ल बा।
एह ममिला में पीड़ित पक्ष माने मृतक के पत्नी उषा शर्मा के द्वारा पटना इस्थित हाईकोर्ट में याचिका दायर कइल गइल रहे। लिहाजा ओह ममिला के गंभीरता आ तमाम साक्ष्य, सबूतन के देखत एह ममिला में केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के एह ममिला के जांच के आदेस पिछला महीना जारी कइल गइल रहे। ओकरा बाद एह ममिला के प्रारंभिक जांच कइला के बाद सीबीआई आखिरकार ममिला दर्ज कs लेलस।
सीबीआई के स्पेशल ब्रांच के टीम अब एह ममिला से जुड़ल तफ्तीश के खंगारे में जुट गइल बा। बाकिर, एह ममिला के तफ्तीश के दौरान सीबीआई के कइयन गो मुश्किलन के सामना करे के पड़ सकत बा, काहेकि ई ममिला लगभग आठ साल पुरान हs। हालांकि, सीबीआई खातिर ई केस असंभव नइखे कहल जा सकत बा, काहेकि सीबीआई के टीम एह तरह के स्पेशल क्राइम के ममिलन के खंगारे में विशेषज्ञ मानल जाले। पिछला महीना कोर्ट के द्वारा दिहल गइल आदेस में राज्य के सीआईडी ब्रांच के एह ममिला में एगो निरदेस दिहल गइल रहे कि एह हत्याकांड से जुड़ल तमाम रिकार्ड सहित आउर जानकारियन के सीबीआई के संगे जल्दी से जल्दी साझा करें। जवना से सीबीआई के एह केस के तफ्तीश के दौरान ओकरा आगे के जांच में मदद मिल सके।
एह लोगन पs भइल FIR
1. अनिल कुमार शर्मा , आम्रपाली ग्रुप के तात्कालीन सीएमडी
2. डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा – पचना रोड निवासी , लखीसराय
3. डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह – पंजाबी मोहल्ला , लखीसराय
4. राजेन्द्र सिंघानिया — बड़ी दुर्गास्थान , नया बाजार , लखीसराय
5. अनीता सिंह — बालिका विधापीठ की तात्कलीन प्रचार्य
6. शंभू शरण सिंह – पेशे से वकील , लोदिया थाना निवासी
7. राधेश्याम सिंह — लखीसराय निवासी
8. दो अज्ञात आरोपी
जानीं का बा पूरा ममिला
सीबीआई के सूत्रन के मोताबिक दु अगस्त साल 2014 के बालिका विधापीठ के पूर्व सचिव डॉ० कुमार शरदचंद्र के उनके आवास में गोली मारके हत्या कs दिहल गइल रहे। एह हत्याकांड ममिला में दु गो शूटरन के नाम ओह घरी सोझा आइल रहे जेकर नाम– रौशन कुमार सिंह रहे। रौशन कुमार के संगे-संगे सुरुआती दौर के जांच के दौर में नीरज कुमार, पंकज सिंह, मखरू सिंह के नाम सामिल रहे। एह हत्याकांड में बालिका विधापीठ के करोड़न रूपिया के जमीन, संस्था पs अवैध तौर पs कब्जा के प्रयास करे खातिर कइयन गो आरोपियन द्वारा अपराधिक साजिश के अंजाम दिहल गइल रहे।
सूत्र इहो बतावेला लोग कि कुछ नामजद आरोपियन के द्वारा एह शिक्षण संस्था के नाम पs फर्जी बैंक एकाउंट खोलल गइल रहे आ आम्रपाली के बड़ अधिकारियन के निरदेस पs ओह फर्जी बैंक एकाउंट से लेनदेन कइल जात रहे, जवना के डॉ. कुमार शरदचंद्र के द्वारा विरोध कइल गइल रहे। एही वजह से उनकर हत्या कइल गइल रहे। ओइसे, ओह वारदात के असली वजह पता करे खातिर सीबीआई सक्षम बा आ जल्दिये एह ममिला से पर्दा उठा सकत बा।
सीआईडी आ स्थानीय पुलिस के तफ्तीश पs बा सवाल!
एह ममिला में सुरुआती जांच के दौराने डॉ. कुमार शरदचंद्र के परिजनन द्वारा एह ममिला में आम्रपाली के तात्कालीन सीएमडी अनिल कुमार शर्मा, डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह, राजेन्द्र सिंघानिया, विधालय के तात्कालीन प्रचार्य रहल अनीता सिंह, राधेश्याम सिंह आ शंभू शरण सिंह के पेशा से वकील रहल बाड़े, ओह लोगन के खिलाफ नामजद ममिला दर्ज करवावल गइल रहे। बाकिर, एह ममिला में बहुत जादे कार्रवाई स्थानिय पुलिस के द्वारा ना कइल गइल रहे।
आरोप इहो लागल रहे कि एह ममिला में बहुते प्रभावशाली लोगन के आरोपी बनावल गइल रहे। लिहाजा ममिला के गंभीरता के देखत बिहार सरकार द्वारा ओह बेरा जांच के जिम्मा सीआईडियो के दिहल गइल। बाकिर, सीआईडी बहुत गंभीरता से एह ममिला की तफ्तीश ना कइलस। लिहाजा न्याय के आस में मृतक के पत्नी उषा शर्मा पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कइली आ न्याय के मांग कइले रहली। एह ममिला में कइयन बेर दुनो पझन के दलीलन के सुनला आ सबूतन के देखला के बाद कोर्ट 12 दिसंबर 2022 के एह ममिला में सीबीआई जांच के आदेस दिहल गइल रहे।