मलेरिया बेमारी, उपचार आ बचाव

Anurag Ranjan

मलेरिया बेमारी, उपचार आ बचाव:

मलेरिया बीमारी गंदगी आ मादा एनोफिलिस मच्छर के काटे से होला। एहिसे एकरा से बांचल जरूरी बा।  एकरा से बांचे ला जरूरी बा कि सभे लोग साफ-सफाई के आछा तरे से खेयाल राखीं आ मादा एनोफिलीज मच्छर के डंक से बांचे ला सभे लोग मच्छरदानी सहित आउर संसाधनन के इस्तेमाल करे।

लक्षण:

मलेरिया के प्रमुख लक्षण ई बा कि निश्चित अंतराल से रोज एगो तय समे पs मरीज के बुखार आवेला। माथा में दरद आ मितली अइला के संगे कपकपी सहित जाड़ लागल प्रमुख बा। मरीज के हाथ-गोड़ में दरद के संगे कमजोरी महसूस होला।

इलाज:

जदि मरीज में ऊपर लिखल लक्षण सोझा आ रहल बा तs ओकर इलाज योग्य चिकित्सक से करावे के चाहीं। कुनैन के गोली एह रोग में फायदा पहुंचावेला। बच्चन आ गर्भवती महिला के ममिला में अलग से सावधानी के जरूरत होला। मरीज के सूखल आ गरम स्थान पs आराम करे दीं। कुनैन के कारण मरीज के मितली के संगे उल्टी आ सकत बा। एकरा कारण मरीज के निर्जलन के शिकायत हो सकत बा। इयाद राखीं मच्छर कटला के 14 दिन बाद मलेरिया के लक्षण सोझा आवेला।

Share This Article
Content Creator
Follow:
सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।