फीचर डेस्क। भारत में बहुत पहिले से महिला लोग कमरबंद पहिनत आ रहल बा। अलग-अलग इलाका आ भाषा में एकर नाम बदलल गइल बा, बाकिर रूप उहे बा। एकरा के कमरबंद, तगड़ी, कमर पेटी, करधनी, मेखला आ कमर पट्टी कहल जाला। ई सोना, चांदी भा दोसरा धातु से बनल एगो आभूषण हs जवना के कमर के चारो ओर पहिनल जाला।
महिला लोग साड़ी, सूट आ पारंपरिक परिधान पs कमरबंद पहिनेला लोग। कमरबंद में कइयन गो डिजाइन होला आ ई बेल्ट जइसन पहिनल जाला। आजकल ई जींस आ फैंसी ड्रेसो पs पहिनल जाला। एकरा के बेली चेन या कमर कs चेन के नामो से जानल जाला। चलीं जानल जाव कि कमरबंद काहे पहिनल जाला आ एकर महत्व का बा।
सोलह श्रृंगार में सामिल बा कमरबंद
कमरबंद महिला लोगन के सोलह श्रृंगार में सामिल बा। एकरा के पहिनला से ना खाली सुंदरता बढ़ेला, बलुक आकर्षण में चार चांद लाग जाला। ई गहना महिला के सुहाग के निशानियो हs। सुहागन महिला के गृहस्वामिनी बने के प्रतीक मानल जाला।
कमरबंद के धार्मिक महत्व
देवी-देवता के मूर्तियन पs कमरबंद देखे के मिलेला। भगवान कृष्ण हमेसा कमरबंद पहिनल रहत रहलें। सीता माता के कमर पs करधनी सोभा मानल जाला। नवजात शिशु के जन्म के बाद करधनी पहिनावल जाला। कमरबंद के संबंध सिंधु घाटी सभ्यता से जोड़ल गइल बा, ओह समय के कइयन गो मूर्तियन पs ई देखल गइल बा।
कमरबंद पहिनला से स्वास्थ्य लाभ
महिला लोगन के कमर पs पहिनल तगड़ी भा कमरबंद ना खाली सुंदरता बढ़ावेला, बलुक स्वास्थ्य खातिर फायदेमंद बा। ई जादेतर चांदी के बनल होला, जवना में एंटीऑक्सीडेंट तत्व रहेला, जवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ावेला। पीरियड्स आ प्रेगनेंसी के समय होखे वाला दरद में आराम देला। चांदी कइयन तरे के स्किन इंफेक्शन दूर करे में मदद करेला।
जहां तगड़ी पहिनल जाला, उहां पेट पर कइयन गो नस होला, तगड़ी ओहिजा दवाब डाल के एक्यूपंचर जइसन काम करेला। एकरा से पेट से जुड़ल समस्या दूर हो जाला।








