चंद्रमा के टोह लेवे खातिर अमेरिकी अतंरिक्ष एजेंसी (नासा) के आर्टेमिस-1 मिशन तइयार बा। नासा के मोताबिक मिशन के तहत आर्टेमिस-1 रॉकेट के मदद से स्पेसक्राफ्ट ओरियन पुतला लेके जाई।
29 अगस्त, सोमार के स्थानीय समय के मोताबिक सबेरे 08:33 बजे फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर (केएससी) से स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) के मदद से मानवरहित ओरियन कैप्सूल के छोड़ल जाई। 1972 में चांद पs अपोलो मिशन के तहत मनुष्य भेजे के बाद ई सबसे बड़ मिशन हs, जे भविष्य के योजना के मुक्कमल करी।
गर्मी आ विकिरण के आकलन
ओरियन कैप्सूल में एगो पुतलो जाई जवना के मौनकिन कैंपोस कहल जाला। पुतला के सेंसर युक्त नासा के कपड़ा पहिनावल जाई। ओहिजा संगही दु गो पुतला हेलगा आ जोहर के भेजल जाई जवन नकली हड्डियन आ अंगन के बनावे खातिर इस्तेमाल होखे वाला तत्वन से बनल बा।