पिछला कुछ साल में फास्ट-फूड के बढ़ल रुझान के चलते खाए के आदत में भारी बदलाव भईल बा। पिज्जा, मोमो, चाऊमीन , मैगी जईसन फास्ट फूड कई घर में खाना के विकल्प बन गईल बा। बदलाव के दौर में अगर कवनो पारंपरिक खाद्य पदार्थ आपन मौजूदगी बनवले रखले बा त उ लिट्टी-चोखा ह। शहर के सभ महत्वपूर्ण स्थान पs लिट्टी-चोखा के 100 से जादा स्थायी अवुरी अस्थायी आउटलेट पs ग्राहक के भीड़ बदलाव के समय में भी एकर लोकप्रियता के गवाही बा।
लिट्टी-चोखा हर वर्ग के लोग के पसंद ह।
हर वर्ग के लोग बा जे ठेठ देसी स्टाइल के लिट्टी-चोखा पसंद करेला। स्थायी अवुरी अस्थायी दोकान के सोझा साइकिल से गाड़ी ले के कतार एकर खासियत ह। एतने ना अब एकर सप्लाई ऑनलाइन भी हो रहल बा। पिज्जा-मोमो निहन इहो स्विगी अवुरी ज़ोमेटो के माध्यम से ऑनलाइन डिमांड पs लोग के घर ले पहुंच रहल बा।
दिन भर विवी रोड के दुकान पs 400 के आस पास लोग पहुँचेले
विश्वविद्यालय रोड पs लिट्टी-चोखा के दोकान चलावे वाला अखिलेश जायसवाल के कहनाम बा कि रोज 400 से जादे लोग उनुका दोकान पs पहुंचेले। संगही, उनुका ऑनलाइन सप्लाई के 100 से जादे ऑर्डर मिलेला। उनुकर कहनाम बा कि लिट्टी-चोखा के संगे बहुत ग्राहक दालफ्राई अवुरी चावल के मांग भी करेले, एहसे उ लोग एकरा से आपन मेनू के समृद्ध कईले बाड़े।
लिट्टी-चोखा डीडीयू के छात्रन के लोकप्रिय खाना ह
विश्वविद्यालय के सामने अस्थायी दोकान लगावे वाला नीरज जायसवाल के कहनाम बा कि विश्वविद्यालय के बहुत छात्र अवुरी कर्मचारी के रोज के खाना उनुका लिट्टी-चोखा पs निर्भर करता। बहुत लोग एकरा के पैक क के खाना के संगे घरे ले जास। मांग एतना बा कि कबो-कबो पूरा ना हो पावेला। कच्चा माल खतम हो जाला, लेकिन ग्राहक के बहाव ना रुकेला।
साेंधी खुशबू वाला लिट्टी-चोखा ग्राहकन के बहुत पसंद बा।
ट्रांसपोर्ट नगर में लिट्टी-चोखा के दोकान चलावे वाला बेचन प्रसाद के कहनाम बा कि उनुकर ग्राहक उनुका से देसी स्टाइल के लिट्टी अवुरी चोखा मांगेले। अयीसना में उ खुद गोहरा पs लिट्टी खाती आलू, बैंगन अवुरी टमाटर के चोखा ले पका देवेले। साेंधी सुगंध वाला लिट्टी-चोखा इनकर ग्राहक के बहुत पसंद बा।