सेंट्रल डेस्क। नई दिल्ली से बड़ा खबर बा कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के याचिका दिल्ली हाई कोर्ट खारिज कs देलस।
बुध के सुनवाई में जस्टिस नवीण चावला आ जस्टिस रविंदर डुडेजा के पीठ साफ कह देलस कि मिशेल के रिहाई के मांग में कवनो दम नइखे। कोर्ट कहलस कि ट्रायल कोर्ट के फैसला में दखल देला के जरूरत नइखे, काहे कि ऊ अधिकतम सात साल के सजा काट चुकल बाड़ें।
कोर्ट इहो कहलस कि मिशेल के याचिका में कवनो ठोस आधार नइखे, एह कारण से ओकरा के खारिज कइल जा रहल बा।
मिशेल अपना दलील में कहले रहलें कि उनकर प्रत्यर्पण खाली आईपीसी के कुछ धारा- 120बी, 415 आ 420 के तहत भइल रहे, जवना में अधिकतम सात साल के सजा बा। बाकिर बाद में उनका पs मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आरोप लगावल गइल।
हालांकि, कोर्ट साफ कs देलस कि भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 के तहत भारत सरकार संबंधित अपराधन में मुकदमा चला सकेले, भलही ओह अपराध खातिर प्रत्यर्पण ना भइल होखे।
एह फैसला से साफ हो गइल बा कि अब क्रिश्चियन मिशेल के रिहाई के राह आसान नइखे आ केस में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़त रही।









