बिजनेस डेस्क। भारतीय रुपिया बियफे के सुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अभी तक के सबसे निचला स्तर पs पहुंच गइल। लगातार बढ़त डॉलर के मांग आ वैश्विक बाजार में सतर्क माहौल के चलते रुपिया पs दबाव बढ़ गइल, एकरा चलते रुपिया फिसल के 92.00 प्रति डॉलर के ऑल-टाइम लो पs पहुंच गइल।
गिरावट के कारण
- रुपिया में आइल गिरावट के मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मजबूती आ एशियाई मुद्रा के कमजोरी मानल जा रहल बा।
- वैश्विक बाजार में डॉलर मजबूत होखला से उभरत बाजारन के मुद्रा पs दबाव बढ़ गइल बा, जवना के असर भारतीय रुपिया पs साफ नजर आ रहल बा।
- फॉरेक्स बाजार के जानकारन के मोताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 के पहिला मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दर के तटस्थ रखे के फैसला कइलस, जवना के बाद डॉलर इंडेक्स में तेजी आ गइल। एकरा चलते रुपिया में गिरावट आउर तेज हो गइल।
- एकरा अलावे, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ला से निवेशक जोखिम लेवे से बच रहल बा लोग, जवना से उभरत अर्थबेवस्था के मुद्रन पs दबाव बनल रहल बा।
एह साल केतना कमजोर भइल रुपिया?
एह साल अभी तक रुपिया करीब 2 फीसदी कमजोर हो चुकल बा। ओहिजा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ओर से भारत से होखे वाला माल निर्यात पs भारी टैरिफ लगवला के बाद रुपिया लगभग 5 फीसदी तक गिर चुकल बा।
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