सेंट्रल डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) भारत के महंगाई के हालात पs बड़ संकेत देले बा। वैश्विक उथल-पुथल आ पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत में महंगाई फिलहाल काबू में नजर आ रहल बा।
आरबीआई 2026-27 खातिर खुदरा महंगाई दर के अनुमान 4.6% रखले बा। संगे-संगे मौद्रिक नीति समिति (MPC) रेपो रेट के 5.25% पs इस्थिर राखे के फैसला कइले बा, ताकि आर्थिक विकास आ महंगाई में संतुलन बनल रहे।
तिमाही आधार पs महंगाई के अनुमान
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा बतवलें कि साल भर महंगाई अलग-अलग तिमाही में बदलत रही। अप्रिल-जून में 4.0%, जुलाई-सितंबर में 4.4%, अक्टूबर-दिसंबर में 5.2% आ जनवरी-मार्च में 4.7% रहे के अनुमान बा। मतलब साल के बीच में महंगाई तनिका बढ़ सकेला, बाकिर सुरू आ आखिरी समय में नियंत्रण में रहला के उम्मीद बा।
रेपो रेट में कवनो बदलाव ना
एमपीसी अपना समीक्षा में रेपो रेट 5.25% पs बरकरार रखले बा। ई डेग एह खातिर उठावल गइल बा कि महंगाई नियंत्रित रहे आ देस के आर्थिक विकास पs असर ना पड़े।
पश्चिम एशिया संकट के असर
आरबीआई मानत बा कि पश्चिम एशिया में चल रहल तनाव से वैश्विक अर्थबेवस्था प्रभावित भइल बा। एकरा से भारत पs अनिश्चितता बढ़ गइल बा। हालांकि, पहिले भारत के आर्थिक इस्थिति मजबूत रहे, बाकिर अब सावधानी जरूरी हो गइल बा।
फरवरी में 3.21% रहल महंगाई
आरबीआई के आंकड़ा अनुसार, फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.21% रहल, जवन लक्ष्य से नीचे बा। ई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पs आधारित बा।
आगे के चुनौती
खाद्य आ ईंधन के दाम में उतार-चढ़ाव से महंगाई बढ़े के खतरा बनल बा। एकरा से आरबीआई लगातार हालात पs नजर रखत बा आ जरूरत पड़ला पs डेटा के आधार पs फैसला लेवे के तइयारी में बा। कुल मिलाके, महंगाई अभी नियंत्रण में बा, बाकिर भविष्य खातिर सतर्क रहल बहुत जरूरी बा।









