विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के पूर्व संध्या प पोथी-बस्ता के ओर से वर्चुअल प्लेटफॉर्म चर्चा के आयोजन भइल, जवना में मासिक धर्म से जुड़ल बहुत मुद्दन प चर्चा भइल। एकरा संगे-संगे महीना के ओ पांच दिन में स्वच्छता अवुरी सुरक्षा के संगे कइसन व्यवहार कइल जाव, महिला के अवुरी जादे कइसे जागरूक कइल जाव, ए विषय प खुल के चर्चा भइल। एकरा साथे ओह पुरान मान्यता, विचारधरो के आलोचना भइल जवना के या त कवनो वैज्ञानिक आधार नइखे या सामाजिक प्रकृति के बदलत दृष्टिकोण से ओह मान्यता के अब जरूरत नइखे।
बेहतर सार्वजनिक शौचालय, कामकाजी महिला के मासिक धर्म के छुट्टी, ग्रामीण अवुरी गरीब परिवार के महिला खाती मुफ्त पैड के व्यवस्था जइसन सुविधा के बारे में चर्चा भइल। कार्यक्रम के नाम ‘नो मोर व्हिस्पर’ रहे एह उद्देश्य से कि समय आ गइल बा कि एह विषय प खुल के चर्चा कइल जाए, ना सिर्फ महिला बालुक पुरुष के भी जादा से जादा जानकारी दिहल जाए अवुरी लोग के एकरा बारे में जागरूक कईल जाए।
प्रज्ञा गोयल गुप्ता (नाट्य कलाकार, पैड स्क्वाड), ओइंद्रिला घोष (छात्र आ रेंजर) आ कामना मिश्रा (कविता, पुलिस मित्र, व्यक्तित्व ग्रूमर) के मुख्य अतिथि आ वक्ता के रूप में शामिल कइल गइल.
चर्चा के संचालन पोथी-बस्ता के संस्थापक अनु नेवटिया आ टीम पोथी-बस्ता से अमित कुमार अम्बष्ट “आमिली” आ गणेश नाथ तिवारी मौजूद रहलें।