नई दिल्ली। भारत अब रक्षा सामान के आयातक से निकल के मजबूत निर्यातक बन रहल बा। एह कड़ी में भारत के स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के बिदेसन में धाक जम गइल बा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अतवार के नागपुर इस्थित एगो रक्षा उत्पादन केंद्र से आर्मेनिया खातिर पिनाका गाइडेड रॉकेट सिस्टम के पहिला खेप के हरियर झंडी देखवलें। ई मौका भारत के रक्षा निर्यात इतिहास में मील के पत्थर मानल जा रहल बा।
पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर अपना जबरदस्त सटीकता आ लमहर मारक क्षमता खातिर जानल जाला। एह सिस्टम के कइयन गो वेरिएंट 75 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के निशाना बना सकेला, जबकि हाले में सफलतापूर्वक टेस्ट भइल नया वर्जन 120 किलोमीटर तक मार करे में सक्षम बा। ई सिस्टम भारतीय सेना के ताकत बढ़वला के संगे-संगे अब बिदेसी देसन के भरोसेमंद विकल्प बन चुकल बा।
रक्षा निर्यात में भारत के ऐतिहासिक छलांग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कहलें कि सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के नागपुर इस्थित यूनिट में बनल पिनाका मिसाइल सिस्टम के निर्यात सुरू हो चुकल बा। ऊ कहलें कि दस साल पहिले भारत के रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपिया से कम रहे, जबकि आज ई बढ़ के करीब 24,000 करोड़ रुपिया तक पहुंच गइल बा। ओही तरे घरेलू रक्षा उत्पादनो 46,425 करोड़ से बढ़ के 1.51 लाख करोड़ रुपिया हो चुकल बा।
प्राइवेट सेक्टर के बढ़त भूमिका
रक्षा मंत्री निजी कंपनियन के जोगदान के खुल के सराहना कइलें। ऊ कहलें कि प्राइवेट सेक्टर के भागीदारी से पिनाका जइसन अत्याधुनिक हथियार सिस्टम विकसित हो सकल बा। सरकार आ निजी क्षेत्र के सहजोग भारत के रक्षा उद्योग के नया ऊंचाई दे रहल बा।
आर्मेनिया संगे 2000 करोड़ के बड़ सौदा
सितंबर 2022 में भारत आ आर्मेनिया के बीच करीब 2,000 करोड़ रुपिया के रक्षा समझौता भइल रहे। एह सौदा में पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एंटी-टैंक हथियार आ गोला-बारूद सामिल बा। अब गाइडेड पिनाका रॉकेट के पहिला खेप भेजल गइला से भारत के बढ़त रक्षा ताकत के साफ संकेत बा।
दुनिया भर में बढ़ रहल बा मांग
आर्मेनिया के बाद अब दक्षिण-पूर्व एशिया आ यूरोप के कइयन गो देस पिनाका सिस्टम में रुचि देखा रहल बा। पिनाका अब भारत के रक्षा निर्यात के सबसे मजबूत पहचान बन गइल बा।







