पिछला दु साल के अंतराल के बाद आयोजित पटना पुस्तक मेला के आज भव्य समापन भइल। बता दीं की पटना पुस्तक मेला के आयोजन एह साल 2 दिसंबर से 13 दिसंबर तक गांधी मैदान में आयोजित रहे। एह दौरान पुस्तक प्रेमियन के जमावड़ा हर दिन एह मेला के रौनक के बढ़ावल। देस के बहुचर्चित प्रकाशक राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन सहित तमाम प्रकाशनन के स्टॉल पs लोग किताबन के खरीदारी कइल। साहित्यिक प्रकाशकन के अलावे टेक्सट बुक प्रकाशन के स्टाल पs छात्रन के भीड़ जुटल रहल।
पटना पुस्तक मेला के दौरान अलग-अलग पुस्तकन के विमोचन, नुक्कड़ नाटक, परिचर्चा आ क्विज के आयोजन लगातार चलल। एह दौरान 11 दिसंबर के “बोधगया सभागार” में प्रभात प्रकाशन के ओर से प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो पटना के सहायक निदेशक आ गौरैया संरक्षण में सक्रिय संजय कुमार के पुस्तक “ओ री गौरैया”, वाणी प्रकाशन के ओर से प्रकाशित वाणी पृथ्वी श्रृंखला में समीर कुमार सिन्हा आ विनिता परमार के पुस्तक ” बाघ विरासत और सरोकार” पs परिचर्चा के आयोजन भइल। एकरा बाद लेखक, कवि और मोटिवेटर दिलीप कुमार के नया पुस्तक टोक्यो ओलंपिक के खिलाड़ियन के प्रेरक कहानियन के लोकार्पण भइल।
समीर कुमार सिन्हा आ विनिता परमार के लिखल बाघ पर अबतक के सबसे अलग किताब बा: बाघ विरासत और सरोकार
वाणी प्रकाशन के ओर से आइल वाणी पृथ्वी सीरीज में बाघ के बारे में अदभुत जानकारी समेटल किताब पs परिचर्चा आयोजित भइल। एह परिचर्चा के संचालन वरिष्ठ लेखक आ अनुवादक यादवेंद्र द्वारा कइल गइल। एह पुस्तक के बारे में बतावत समीर कुमार सिन्हा जी आ विनिता परमार जी बेर-बेर एह बात पर बल दिहल कि जदि बाघ खातिर संरक्षित क्षेत्र (Tiger Reserve) के निर्माण होला तs एकर सीधा लाभ मानव समाज के मिलेला। एह बात पs बल देत समीर कुमार सिन्हा बल देलें कि बाघ कवनो मानव के दुश्मन ना हs बलुक ओकर शिकार मानव आमतौर पs तब होला जब मानवबाघ के शिकार लेखा भाव भंगिमा में होला। एह परिचर्चा के आगे बढ़ावत विनिता परमार जी बतवनी की एह किताब में बाघ से जुड़ल अलग-अलग जानकारी के संगे-संगे 14 टाइगर रिजर्व के वर्णन बा।